टोंक के चित्रकार महेश गुर्जर को राजस्थान की फड़ कला और लोक देवताओं पर व्याख्यान देने के लिए रूस की सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजीज एंड डिज़ाइन ने पुरस्कृत प्रमाण पत्र से सम्मानित किया है। सम्मेलन में व्याख्यान के लिए रूस की इस यूनिवर्सिटी ने भारत से एकमात्र चित्रकार महेश गुर्जर को गत दिसंबर में आमंत्रित किया था। अब इन्हें पुरुस्कृत प्रमाण पत्र ऑनलाइन भेजकर सम्मानित किया है। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग राज्य में पिछले महीने अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक और व्यावहारिक सम्मेलन ‘डिजाइन और कलात्मक रचनात्मकता’ सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजीज एंड डिज़ाइन में आयोजित किया गया था। इसमें विभिन्न देशों के कलाकार ने भाग लिया और विभिन्न कलाओं पर चर्चा थी। इसमें भारत से एक मात्र चित्रकार महेश को। ऑनलाइन संबोधन के लिए रूस की यूनिवर्सिटी ने आमंत्रित किया था। युवा चित्रकार महेश गुर्जर ने भी आनलाइन भाग लेकर राजस्थानी कला पर चर्चा कर संबोधन दिया था। गुर्जर ने लोकदेवता भगवान देवनारायण, वीर तेजाजी, रामदेव जी सहित लोक देवताओं व फड़ कला चित्रण की जानकारी दी। जिसके लिए रूस की सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी एंड डिज़ाइन रेक्टर नतालिया क्लिमोवा, स्थानिक पर्यावरण डिजाइन संस्थान की निदेशक यूलिया वेत्रोवा और इंटीरियर डिजाइन और उपकरण विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवगेनी लोबानोव ने उन्हें सम्मान प्रमाण पत्र ईमेल से भेजा है।


