बरेली के एक डोमिनोज आउटलेट में बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक ब्राह्मण युवक ने शाकाहारी पिज्जा का ऑर्डर दिया, लेकिन उसे मांसाहारी पिज्जा परोसा गया। युवक ने जब पिज्जा खाया, तब उसे अहसास हुआ कि वह मांसाहारी पिज्जा है। युवक ने इज्जतनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। कहा, डोमिनोज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस घटना के बाद बरेली में डोमिनोज का बड़ा फूड चेन सवालों के घेरे में है। इंस्पेक्टर ने कहा- यह मामला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का है। डोमिनोज कर्मचारियों ने माफी मांगी
यह घटना बरेली के थाना इज्जतनगर क्षेत्र में कर्मचारीनगर स्थित डोमिनोज आउटलेट पर हुई। लखन शर्मा ने बताया कि उसने वेजिटेरियन पिज्जा का ऑर्डर दिया था। पिज्जा पर वेज का स्टीकर लगा हुआ था, लेकिन खाने के बाद पता चला कि यह नॉन-वेज है। जब युवक ने शिकायत की तो डोमिनोज के कर्मचारियों ने माफी मांग ली। उन्होंने कहा- ऐसा गलती से हुआ। पैकेजिंग के दौरान 1 साथ दो ऑर्डर आए थे। गलती से वेज की जगह नॉन-वेज पिज्जा रख दिया गया। लखन बोले- मेरी भावनाएं आहत हुईं
लखन शर्मा ने कहा- इस लापरवाही से उनकी धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराकर कार्यवाही की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल एक गलती नहीं है, बल्कि उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ है। लखन शर्मा का आरोप है कि आउटलेट मालिक ने मामले को दबाने के लिए उन्हें कुछ ले-देकर मामले को खत्म करने की भी कोशिश की। मगर उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया और कहा कि वे न्याय के लिए लड़ेंगे। इंस्पेक्टर बोले- धार्मिक भावनाएं भड़काने की कार्रवाई होगी
इंस्पेक्टर इज्जतनगर धनंजय पांडेय ने कहा- शिकायत करने वाले और डोमिनोज आउटलेट के ऑनर को बुलाया है। मामले की जांच की जा रही है। ऐसे मामलों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के तहत कार्यवाही की जाती है। ………………… ये भी पढ़ें : पाकिस्तानी दोस्त की मदद से आगरा लौटे अभिषेक की कहानी: आगरा में बोले- पासपोर्ट छीना, टॉर्चर किया; घर जाने के लिए मांगे 5 लाख ‘मुझे टॉर्चर किया जाता था। मामूली गलती पर पीट देते थे। 12-12 घंटे काम लेते। जमीन पर सुलाते थे। मोबाइल छीन लिया, ताकि परिवार को कुछ बता न सकूं। जब भारत वापस आने की इच्छा जाहिर की। तब मालिक ने कमरे में बंद कर दिया। मेरा पासपोर्ट भी छीन लिया।’ ये दर्द है साउथ अफ्रीका में 5 महीने 20 दिन फंसे रहे अभिषेक शर्मा का। वह आगरा में अपने परिवार के पास पहुंच चुके हैं। मगर जॉब और हैवी पैकेज के नाम पर साउथ अफ्रीका पहुंचने और फिर फंसने की कहानी दर्द भरी है। भास्कर एप टीम ने आगरा में उनके घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। पढ़िए रिपोर्ट…


