खरगोन जिले में भारतीय कपास निगम (CCI) अब किसानों के वास्तविक उत्पादन के आधार पर कपास की खरीद करेगा। पहले 14.01 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मापदंड पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की जा रही थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। किसानों ने अधिक उत्पादकता होने के बावजूद पुराने मापदंड के कारण खरीदी प्रक्रिया का विरोध किया था। नए आदेश से किसानों को राहत मिली है। हालांकि, इस नई व्यवस्था के तहत खरीदी के लिए कपास की उत्पादकता का प्रमाण पत्र संबंधित कृषि अधिकारी जारी करेंगे। उप संचालक कृषि एस.एस. राजपूत ने बताया कि उत्पादन प्रमाण पत्र संबंधित क्षेत्र के कृषि अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। बड़वाह में रेखा शाह और कविता शाह, जबकि खरगोन में किसान दिनेश पटेल को कपास उत्पादन प्रमाण पत्र जारी कर कपास की खरीदी की गई है। खरगोन मंडी में प्रतिदिन 10 हजार क्विंटल से अधिक कपास की आवक हो रही है। मंगलवार को 12,600 क्विंटल कपास की आवक दर्ज की गई, जिसके भाव 5,000 से 8,010 रुपए प्रति क्विंटल रहे। किसान संगठनों ने इस निर्णय को अपने आंदोलन के दबाव का परिणाम बताया है। भारतीय राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर 1 दिसंबर को खलघाट में निमाड़ क्षेत्र का एक बड़ा किसान आंदोलन प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां जारी हैं।


