सरिया में सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार का करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम हुआ, जिसमें वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर जिले भर से 3 हजार से अधिक युवा, शिक्षक, राजनीतिक पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। स्कूल मैदान में जुटे छात्रों ने फ्लैश लाइट जलाकर और तालियां बजाकर आनंद कुमार का उत्साह बढ़ाया। आनंद कुमार ने युवाओं को बड़े सपने देखने, संकल्प लेने और उन्हें पूरा करने के लिए धारा के विपरीत दिशा में भी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में जितनी अधिक मुश्किलें होंगी, सफलता उतनी ही बड़ी मिलेगी। आनंद कुमार ने जोर दिया कि जो भी करें, अच्छा करें, क्योंकि कड़ी मेहनत से सब कुछ संभव है। उन्होंने एक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ने की सलाह दी और शिक्षकों से नौकरी न समझकर, बल्कि यज्ञ और जिम्मेदारी की भावना से पढ़ाने का आग्रह किया। व्यक्तिगत संघर्षों का भी उल्लेख किया आनंद कुमार ने बताया कि गरीबी के कारण कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में दाखिला नहीं हो पाया था, जिससे उनके पिता बहुत दुखी हुए। इसके बाद उन्होंने पटना में दाखिला लिया और अच्छी लाइब्रेरी के लिए 250 किलोमीटर दूर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जाना पड़ता था। पिता के निधन के बाद, उन्होंने पापड़ बनाकर बेचे और अपनी पढ़ाई जारी रखी। इसी अनुभव से प्रेरित होकर उन्होंने जरूरतमंद और निर्धन बच्चों के लिए सुपर 30 की शुरुआत की। वे बच्चों को घबराहट में विक्की (सुविधा संपन्न) और भोलू (सुविधाहीन) जैसे पात्रों के माध्यम से समझाते थे। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और अच्छा व्यवहार बहुत कुछ दिला सकता है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अच्छे व्यवहार के कारण ही उन्हें लाइब्रेरी में पढ़ने का अवसर मिला। आनंद कुमार ने नई चीजें सीखने की ललक बनाए रखने और यह समझने पर जोर दिया कि पढ़ाई मेहनत से होती है, पैसे से नहीं। उन्होंने कहा कि निर्धन घर में पैदा होना सौभाग्य है, क्योंकि संघर्ष से ही व्यक्ति आगे बढ़ता है। कक्षा में पढ़ने के बाद भी हर समय अपने विषय को पढ़ता रहता था। किसी प्रश्न के जवाब में विक्की ने तुरंत जवाब दे दिया। वहीं, कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने घोषणा किया कि, राज्य के युवा जो यूपीएससी प्री उत्तीर्ण करेंगे उसे वो 1 लाख का प्रोत्साहन राशि देंगे। कठिनाइयों से जितनी लड़ाई, सफलता उतनी बड़ी- वित्त मंत्री वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मन का इरादा मजबूत हो तो कोई बाधा नहीं रोक सकता। जीवन में कठिनाई जितनी ज्यादा हो सफलता उतना अधिक मिलेगा। उन्होंने फिल्म सुपर 30 के एक डायलॉग को कहा, “अमीर लोग अपने लिए खूब चिकना सड़क बनाएं, हमारे लिए गड्ढा बना दिए और हमें छलांग लगाना सिखा दिया। जब समय आएगा तब सबसे ऊंचा,सबसे लंबा और सबसे बड़ा छलांग हम ही मारेंगे।” आपका समय गिनती की पढ़ाई की नहीं होनी चाहिए। तमिलनाडु के एक आईएएस जो अपने परिवार के गरीबी के कारण एजुकेशन लोन लेकर नर्स की पढ़ाई की, फिर नर्स बनने के दौरान उन्होंने यूपीएससी की पढ़ाई की और एक आईएएस बनी। इस प्रकार आप सब अपने घर के हालात अनुसार फैसला ले, कैरियर चुने। जबरदस्ती से कोई कैरियर नहीं चुनिए। आपको रास्ता बनाना है। आप सिंसियर बने, आप अच्छा कोर्स करें, कहीं जाएंगे तो अभी से अपना प्लान बनाएं। मेरे यूट्यूब चैनल में आईएएस विजन के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा है उसका अवलोकन करें। आईएएस पुस्तकों की खोज की कहानी सुनाई ओपी चौधरी ने अपने गांव, जिला, राज्य, भिलाई, रायपुर में किए आईएएस पुस्तकों की खोज की कहानी को सुनाते हुए कहा कि, मेरे पिता सरकारी टीचर थे, मां ने कहा अनुकम्पा के जगह पर बड़ा सोचो। इसके साथ उन्होंने दिल्ली में गुजारे संघर्ष वाले दिन को सुनाया और कहा कि विषम परिस्थिति में मैं जब आईएएस बन सकता हूं तो आप क्यों नहीं बन सकते।


