जगराओं में बुधवार को केंद्र सरकार की नई श्रम नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन ट्रेड यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जगराओं बस स्टैंड पर किया गया। प्रदर्शन में विभिन्न मजदूर संगठनों, कर्मचारी यूनियनों और लोकतांत्रिक संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए क्रांतिकारी केंद्र पंजाब के महासचिव कंवलजीत खन्ना, एटक के राज्य नेता गुरदीप सिंह मोती, लोकतांत्रिक किसान सभा के नेता गुरमेल सिंह रूमी और फूड अटेंड एलाइड यूनियन के राज्य नेता अवतार सिंह बिल्ला ने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि मजदूर वर्ग के निरंतर विरोध के बावजूद, सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नई श्रम संहिताओं के माध्यम से कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा दिया है। ड्यूटी टाइम 8 से 12 घंटे किया वक्ताओं ने नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इन कानूनों के तहत मजदूरों की ड्यूटी 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है, जबकि दैनिक मजदूरी मात्र 178 रुपए निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, यूनियन बनाने, विरोध प्रदर्शन करने और हड़ताल करने के अधिकार को भी सीमित कर दिया गया है, जिससे मजदूरों को मालिकों की दया पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ईपीएफ, ईएसआई और चिकित्सा सुविधाओं जैसे मूलभूत अधिकारों को कमजोर करना मजदूरों के साथ अन्याय है। जालंधर में बच्ची से रेप के आरोपी सजा देने की मांग प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने जालंधर में एक बच्ची के साथ हुए रेप और हत्या के आरोपी को सख्त सजा देने की मांग भी उठाई। उन्होंने दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा भी की। प्रदर्शन के बाद, सैकड़ों मजदूरों ने जीटी रोड तक मार्च निकाला। मुख्य चौक पर पहुंचकर, उन्होंने श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाईं और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में मजदूर नेता देवराज, हुकम राज देहरका, टीएसयू नेता भूपिंदर सिंह शेखों, पेंशनर्स एसोसिएशन नेता अवतार सिंह गागरा, अशोक भंडारी, जसवंत सिंह कलेर, स्वर्ण सिंह हठूर, जगदीश सिंह काउंके और मास्टर अवतार सिंह सहित कई अन्य नेता उपस्थित थे।


