कोरबा के शहरी इलाकों में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार सुबह पुलिस और नगर निगम की टीम ने बुधवारी मेन रोड से घंटाघर तक सड़क किनारे दुकान लगाकर व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को पहले समझाइश दी, जिसके बाद नहीं मानने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नगर निगम और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवारी स्थित सड़क किनारे कंबल और कपड़े बेचने वाले लोगों को भी पहले मौखिक जानकारी दी। इसके बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया है कि अगर 24 घंटे के अंदर दुकान को सड़क से अंदर नहीं किया गया, तो सामान की जब्ती की कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। दुकानदारों का अस्थायी हटना और चेतावनी फिलहाल, सभी दुकानदारों ने टीम को देखकर अपनी दुकानें सड़क से अंदर कर ली हैं। लेकिन अगर आने वाले दिनों में वे अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बुधवारी से लेकर घंटाघर तक ऐसे लगभग 14 दुकान हैं, जिन पर कार्रवाई हो सकती है। सड़क किनारे अतिक्रमण और शहर की सुंदरता पर असर नगर निगम की ओर से सड़क किनारे लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है, लेकिन सड़क के किनारे अक्सर ठेले और दुकानदार कब्जा कर बैठे रहते हैं। घंटाघर चौक के पास कई ऐसे मोबाइल दुकान, ठेले और दूध व्यवसायी तथा फूल बेचने वाले हैं, जिनके चलते लोग सड़क पर ही वाहन खड़ी कर देते हैं। सख्त कदम और स्थायी समाधान की आवश्यकता शहर के बुधवारी, घंटाघर, सुभाष चौक के अलावा कोसाबाड़ी मुख्य चौक पर सड़क किनारे दुकान लगाते देखा जा सकता है। हालांकि, एक तरफ कार्रवाई होती है, वहीं दूसरी तरफ कुछ दिनों में फिर से लोग सक्रिय हो जाते हैं। नगर निगम को इस बार कड़ा कदम उठाकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।


