चित्तौड़गढ़ के घोसुंडा इलाके में बुधवार सुबह एक हादसा हो गया। रेलवे ट्रैक को पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से बाइक पर सवार बुजुर्ग देवा राम (60) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनके रिश्तेदार घीसूलाल (65) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पहले चित्तौड़गढ़ जिला हॉस्पिटल लाया गया और बाद में हालत बिगड़ने पर उदयपुर रेफर कर दिया गया। देवा राम की पत्नी कालीबाई (55) घटना से कुछ ही देर पहले ट्रैक पार कर चुकी थीं, इसलिए वह सुरक्षित रहीं। सुबह तीनों एक ही बाइक से निकले कुमावत समाज के रतनलाल कुमावत ने बताया कि दादिया, गंगरार निवासी देवा राम अपनी पत्नी कालीबाई के साथ मंगलवार को सज्जनपुरा स्थित अपने रिश्तेदार घीसूलाल के घर आए थे। रात वहीं रुकने के बाद बुधवार सुबह तीनों एक ही बाइक पर बैठकर घोसुंडा की ओर जा रहे थे। रास्ते में बने अंडरपास में 4 से 5 फीट पानी से भर गया था। पानी इतना ज्यादा था कि बाइक से निकल पाना नामुमकिन था, इसलिए तीनों ने मजबूरी में ऊपर से रेलवे ट्रैक पार करने का फैसला किया। महिला पहले निकल गई, दो लोग पीछे थे, तभी अचानक ट्रेन आ गई घटना सुबह तब हुई जब कालीबाई रेलवे ट्रैक पार कर चुकी थीं और देवा राम व घीसूलाल धीरे-धीरे पीछे आ रहे थे। तभी अचानक तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंच गई। ट्रेन की चपेट में आने से देवा राम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घीसूलाल गंभीर रूप से घायल होकर पटरी पर ही गिर पड़े। टीम पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम घटना स्थल उदयपुर जीआरपी थाने के क्षेत्र में आता है, इसलिए जिला अस्पताल पहुंचने के बाद भी पोस्टमॉर्टम उदयपुर जीआरपी टीम के आने के बाद ही किया गया। पुलिस टीम चित्तौड़गढ़ पहुंची और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद देवा राम का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। घायल घीसूलाल को डॉक्टरों ने तुरंत उदयपुर रेफर कर दिया था। ग्रामीण बोले– अंडरपास में भरता रहता पानी, रेलवे ध्यान नहीं देता ग्रामीण रतनलाल कुमावत ने बताया कि घोसुंडा के पास बना आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) हमेशा पानी से भरा रहता है। रेलवे की ओर से अंडरपास में पानी निकालने की मशीन लगाई गई है, लेकिन ठेकेदार समय पर पानी नहीं निकालता। इसी वजह से हर बार लोगों को मजबूरी में ऊपर से पटरियां पार करनी पड़ती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यही लापरवाही हादसों का बड़ा कारण बन रही है। स्थानीय लोग पहुंचे, प्रशासन से सुरक्षित व्यवस्था की मांग उठाई हादसे के बाद मौके पर भदेसर मंडल अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण कुमावत, राधेश्याम कुमावत और आनंद कुमावत सहित स्थानीय लोग पहुंचे। सभी ने रेलवे और प्रशासन से मांग की कि अंडरपास से पानी निकालने की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों की जान जोखिम में न पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पानी सही समय पर निकाला जाता, तो लोगों को पटरियां पार नहीं करनी पड़ती और यह हादसा टल सकता था।


