डीग जिले के खोह थाना क्षेत्र के करमुका गांव में ग्रामीणों ने साइबर ठगी की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाते हुए पंचायत के फैसले के तहत ठगी में उपयोग किए जाने वाले दर्जनों मोबाइल फोन को आग के हवाले कर दिया। गांव के लोगों का कहना है कि यह निर्णय साइबर अपराध पर नियंत्रण और युवाओं को गलत रास्ते से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि करमुका, भायारी और गधरबास गांव में यदि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी करते हुए पकड़ा जाता है, तो ग्रामीण खुद उसे पुलिस के हवाले करेंगे। इसके अलावा पंचायत स्तर पर भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का मानना है कि साइबर अपराध के लालच ने गांव के कई युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि यह पहल समाज को बुराइयों से बचाने, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को सही दिशा देने का प्रयास है। उनका मानना है कि समाज को सही राह दिखाना और बुराई को जड़ से खत्म करना सभी का सामूहिक दायित्व है। इस महत्वपूर्ण पंचायत में हाजी नसरू, हाजी अख्तर, असलम, रज्जाक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और सभी ने इस निर्णय का समर्थन किया। गौरतलब है कि यह कार्रवाई डीग एसपी ओम प्रकाश मीणा द्वारा साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों और कड़े एक्शन का प्रभाव माना जा रहा है। एसपी मीणा निरंतर मेवात क्षेत्र में युवाओं को गलत काम छोड़कर शिक्षा और रोजगार की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।


