डूंगरपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक और विद्या भारती संस्थान के प्रदेश संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनके परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। इससे बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा मिलेगी, जिससे उनका बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित होगा। वे बुधवार को विद्यानिकेतन विद्यालय, नई बस्ती में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भारतीय संस्कृति, परंपरा, संस्कार और नैतिक मूल्यों पर आधारित है। इसके माध्यम से बच्चों में राष्ट्रीयता और भारतीयता की भावना मजबूत होगी। गोविंद कुमार ने बताया कि अब शिक्षा प्रणाली बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ने का अवसर देगी, जिसकी समझ और अभिव्यक्ति अंग्रेजी के मुकाबले अधिक सहज होती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी भी एक भाषा है और इसका अध्ययन होना चाहिए, लेकिन मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण करने से बच्चों की सीखने की क्षमता और तेज होती है। उन्होंने आगे कहा कि अगले दो वर्षों में शिक्षा पूरी तरह भारतीयता युक्त होगी। इसमें स्थानीय महापुरुषों, लोक देवताओं, भारतीय वेशभूषा, बोलचाल और संस्कृति पर आधारित विषयों को शामिल किया जाएगा। इससे शिक्षा का उद्देश्य रोजगार देने के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी होगा। कार्यक्रम में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी प्रकाश शर्मा ने विद्या भारती संस्थान की जानकारी देते हुए बताया कि डूंगरपुर में इसकी शुरुआत 1966 में हुई थी। वर्तमान में जिले में 31 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 6 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।


