सऊदी अरब में बूंदी के रहने वाले 19 वर्षीय भारतीय युवक रमेश कुमार मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में 13 नवंबर को मौत हो गई। लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी उनका शव भारत नहीं भेजा गया है, जिसके बाद परिजनों व सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक और कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर कर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। 19 साल की उम्र में सपनों को साथ लेकर गया था सऊदी अरब रमेश कुमार मेघवाल राजस्थान के बालोतरा जिले की गिड़ा तहसील के सोहड़ा, मेघवालों की ढाणी का निवासी था। वह 11 अक्टूबर 2025 को एक एजेंट के माध्यम से रोजगार के लिए सऊदी अरब गया था।परिवार का कहना है कि 13 नवंबर की सुबह उसकी आखिरी बात घरवालों से हुई, उसके बाद मोबाइल बंद हो गया।चार दिन बाद 17 नवंबर को विदेश से फोन पर मौत की जानकारी मिली। रमेश की मौत के सही कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। गरीब परिवार का सहारा था रमेश परिवार के लोगों ने बताया कि रमेश पढ़ाई में बेहद तेज था।हायर सेकेंडरी विज्ञान वर्ग में लगभग 90% अंक हासिल करने के बाद भी आर्थिक हालात कमजोर होने के कारण नौकरी के लिए विदेश जाना पड़ा।वह वृद्ध माता-पिता व चार बहनों का सहारा था।परिजन कह रहे हैं कि शव को भारत लाने में देरी होने से हर पल भारी पीड़ा में गुजर रहा है, बेटे के अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हुए।” 14 दिन से शव नहीं भेजा, अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बूंदी निवासी चर्मेश शर्मा से रमेश के रिश्तेदार धनराज मेघवाल ने मदद मांगी, जिसके बाद शर्मा ने नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर की।उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी शिकायत भेजी और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में भी मामला दर्ज करवाया है। शर्मा ने कहा कि 14 दिन तक शव को भारत नहीं भेजना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। सऊदी सरकार को तुरंत शव भारत भेजना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए और मौत के कारणों की पारदर्शी जांच की जाए।


