राज्य सरकार द्वारा हाल ही में किए गए पंचायत पुनर्गठन में खींवताणा क्षेत्र के हनुमान नगर गांव को नई ग्राम पंचायत चौसली में शामिल करने के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्टर, नागौर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हनुमान नगर को पुनर्गठित कर खींवताणा ग्राम पंचायत में ही शामिल किया जाए, क्योंकि यह भौगोलिक और सामाजिक रूप से खींवताणा के अधिक निकट है। ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में कहा कि सरकार ने 20 नवंबर 2025 के पुनर्गठन आदेश के तहत हनुमान नगर को खींवताणा पंचायत समिति से हटाकर चौसली में शामिल कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से खींवताणा के लोगों के साथ रहते आए हैं और उनके सामाजिक संबंध भी खींवताणा से ही हैं। इस मनमानी अलगाव से उनके सामने कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं। खींवताना से दूरी मात्र 3 किमी ग्रामीणों ने तर्क दिया कि हनुमान नगर की खींवताणा से दूरी मात्र 3 किलोमीटर है, जबकि उन्हें जिस नई ग्राम पंचायत चौसली में शामिल किया गया है, उसकी दूरी 5 किलोमीटर है। उन्होंने यह भी बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार भी हनुमान नगर एक राजस्व ग्राम के रूप में खींवताणा ग्राम पंचायत का हिस्सा रहा है। उनका आरोप है कि इस बार गलत तरीके से उन्हें चौसली ग्राम पंचायत से जोड़ दिया गया है। इस अलगाव के कारण आधार कार्ड, राशन कार्ड और मूल निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हनुमान नगर के ग्रामीणों ने कलेक्टर से तुरंत हस्तक्षेप करने और गांव को चौसली से अलग कर वापस खींवताणा ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग की है, ताकि उनकी मूलभूत समस्याएं दूर हो सकें। ज्ञापन सौंपने वालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


