अखिल भारतीय विप्र परिषद ने आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार 26 नवंबर को शाम 5 बजे मऊगंज कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें संतोष वर्मा के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न दे, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। आईएएस अफसर संतोष वर्मा ने रविवार को एमपी अजाक्स का प्रांताध्यक्ष बनने के बाद ये बयान दिया था। इस बयान का विरोध हुआ तो उन्होंने माफी मांग ली। इसके बाद भी उनके खिलाफ ब्राह्मण समाज का आक्रोश कम नहीं हो रहा है। ब्राह्मण समाज की महिलाओं पर की आपत्तिजनक टिप्पणी परिषद का आरोप है कि अजाक्स की बैठक में प्रांत अध्यक्ष चुने जाने के बाद वर्मा ने ब्राह्मण समाज की महिलाओं और लड़कियों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे समाज में गुस्सा है। ज्ञापन में परिषद ने कहा कि इस प्रकार के बयान न केवल अनुशासनहीनता दर्शाते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी ठेस पहुंचाते हैं। परिषद का मानना है कि ऐसे वक्तव्य विभिन्न वर्गों के बीच तनाव बढ़ा सकते हैं, जो प्रदेश के शांतिपूर्ण वातावरण के लिए खतरा है। कुछ राष्ट्र विरोधी तत्व समाज के विभिन्न वर्गों को आमने-सामने खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है। विप्र परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष और ठोस कार्रवाई नहीं की तो ब्राह्मण समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। परिषद का कहना है कि सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए ऐसे बयानों पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति किसी समाज विशेष के प्रति अपमानजनक भाषा का उपयोग न करे।


