सीहोर स्थित वीआईटी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में डेढ़ महीने से दूषित पानी और खराब खाना मिलने, दर्जनों छात्रों के पीलिया से बीमार होने और प्रबंधन की अनदेखी के बाद मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात छात्रों का गुस्सा आखिरकार फट पड़ा। मामला तब भड़का जब तीन छात्रों में सूजन और पीलिया के लक्षण दिखने पर उन्हें भोपाल अस्पताल ले जाया गया। खबर फैलते ही कुछ छात्र शिकायत लेकर हॉस्टल वार्डन प्रशांत पांडे के पास पहुंचे। आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय वार्डन और गार्ड्स ने छात्रों को पीटा। इससे गुस्साए करीब 4 हजार छात्र हॉस्टल से बाहर निकले और हंगामा शुरू कर दिया। रात 12 बजे तक छात्रों ने एक बस, एक एंबुलेंस व 3 अन्य वाहनों में आग लगा दी। चार से ज्यादा बसों के कांच तोड़ दिए। सर्विलांस बिल्डिंग में लगी आग का धुआं बुधवार दोपहर 3 बजे तक उठता रहा। दीवारों पर छात्रों ने ‘रिवॉल्यूशन’ जैसे नारे लिख दिए। हंगामे की सूचना मिलते ही आष्टा, सीहोर, जावर, इछावर और भैंरुदा थानों की पुलिस कैंपस में पहुंची। दमकल की गाड़ियां भी आईं। हालात काबू में नहीं आए तो सुबह भोपाल से एसटीएफ के 70 जवान भेजे गए। एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि रात 2:30 बजे स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। इस बीच, सीहोर के चाणक्यपुरी क्षेत्र में किराए से रहने वाले वीआईटी में इलेक्ट्रॉनिक्स के फैकल्टी संग्राम केसरी दास (50) का शव मिला है। पुलिस के अनुसार, उनके पड़ोसी उन्हें जिला अस्पताल छोड़कर गए थे। यहां वे मृत अवस्था में मिले। हालांकि उनमी मौत पहले हुई या बाद में यह पता नहीं। पहचान करने में कई घंटे लग गए। संग्राम ओडिशा के थे। वे लंबे समय से बीमार थे। मई में मेडिकल लीव पर गए थे। डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम गुरुवार को परिजनों के आने के बाद होगा। फिर मौत का असली कारण पता चलेगा। इससे पहले, आष्टा एसडीएम और एसडीओपी ने छात्रों को खाने और पानी के सैंपल लेने का आश्वासन दिया। उधर, कलेक्टर बालागुरु के. ने बताया कि एक दिन पहले ही सीएमएचओ की टीम भेजी गई थी। खाद्य पदार्थों के सैंपल ले लिए गए हैं। जांच के लिए एक टीम गठित की जा रही है। वार्डन के खिलाफ केस दर्ज एक वीडियो में वार्डन और गार्ड छात्रों को पीटते दिख रहे हैं। वार्डन व अन्य के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। कॉलेज प्रबंधन की शिकायत पर आगजनी, तोड़फोड़, बलवा का केस दर्ज किया गया है। रजिस्ट्रार बोले- जिला प्रशासन, नगर निगम की टीम यहां जांच कर चुकी वीआईटी के रजिस्ट्रार केके नायर बोले- हम स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के उच्च मानक बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 23 नवंबर को जिला चिकित्सालय की टीम ने कैंपस का निरीक्षण किया था। दो दिन वहीं रही। 25 नवंबर 2025 को सीएमचओ ने मेडिकल प्रोटोकॉल व स्वास्थ्य व्यवस्था की जांच की। रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है। 26 नवंबर 2025 को नगर निगम भोपाल की टीम ने भोजन की गुणवत्ता व सफाई की जांच की। वे 22 दिनों में रिपोर्ट देंगे।’ पानी से कई छात्रों को पीलिया
डेढ़ महीने से दूषित पानी, खाने की शिकायत कर रहे थे, दो दर्जन से अधिक छात्रों को पीलिया हुआ शिकायत की तो वार्डन ने पीटा
छात्रों ने हॉस्टल वार्डन से शिकायत की तो वार्डन ने गार्ड के साथ मिलकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा फिर छात्रों को जो मिला, जलाया
भड़के छात्रों ने वीआईटी में एक बस, एंबुलेंस समेत 5 वाहन फूंके, लिफ्ट-ऑफिस सब जगह तोड़फोड़ रात में प्रबंधन का मेल- तुरंत कैंपस खाली करो… सुबह 13 हजार छात्रों का पलायन मनीष कुशवाह की रिपोर्ट हंगामे के बाद देर रात वीआईटी प्रबंधन ने सभी छात्रों को अचानक मेल भेजा- ‘कैंपस तुरंत खाली करें। कॉलेज 30 नवंबर तक बंद रहेगा।’ कुछ देर बाद एक और मेल आया कि छुट्टी 8 दिसंबर कर दी गई। मेल मिलते ही हॉस्टलों में हलचल मच गई। कुछ ही मिनटों में माहौल डर और अव्यवस्था से भर गया। वीआईटी में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और अन्य संकायों के 16 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। इनमें से 13 हजार 8 हॉस्टलों में रहते हैं, जिनमें इनमें 2 हजार छात्राएं हैं। मेल आते ही छात्रों का पलायन शुरू हो गया। हाईवे तक जाने के लिए वाहन नहीं मिला। छात्र बैग पीठ पर लादकर एक किमी पैदल हाईवे तक पहुंचे। भीड़ देखकर टैंपो चालकों ने एक किमी के 100 रु. तक वसूले। इंदौर-भोपाल जाने वाली बस व टैक्सियों ने 500 से 800 रु. तक मांगे। हैदराबाद की रियांशु ने बताया- ‘हैदराबाद जाने के लिए इंदौर से फ्लाइट बुक है, पर इंदौर कैसे पहुंचूंगी, यही समझ नहीं आ रहा।’ गंदे पानी की शिकायत की, प्रबंधन ने कहा- तुम्हारी इम्यूनिटी कमजोर
छात्रों का कहना था कि शिकायत करने पर डराया-धमकाया जाता था। टैंकर और बोरवेल से पानी आता था, जो गंदा था। कैंपस के बीच से निकलने वाले नाले को रोकने से गंदा पानी जमा रहता है। इससे भी बीमारी होती है। थर्ड सेमेस्टर के छात्र कोलकाता के सागर छीका ने कहा- ‘हॉस्टल में कई छात्र बीमार थे। उन्हें घरवाले ले गए। हमने वार्डन से शिकायत की तो जवाब मिला कि तुम्हारा इम्यून सिस्टम खराब है।’ एक साल पहले भी पानी पर हंगामा… 25 मई 2024 को भी पीने का पानी की मांग को लेकर छात्रों ने यहां हंगामा किया था। रात को कॉलेज परिसर में नारेबाजी की। कई छात्र बीमार पड़े थे।


