अलवर। विशिष्ट न्यायालय पोक्सो नंबर–2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने बुधवार को नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने के दोषी कन्हैयालाल उर्फ करण वाल्मीकि (निवासी नकोदर, पंजाब) को 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए के आर्थिक दंड की सजा सुनाई। विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज यादव के अनुसार, पीड़िता की मां ने 18 मई 2024 को थाना सदर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी घर से बाहर गई और वापस नहीं लौटी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और खोजबीन के बाद नाबालिग को जालंधर जिले के नकोदर से बरामद किया। वहीं आरोपी कन्हैयालाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पता चला कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से भगाया और ट्रेन से दिल्ली होते हुए पंजाब ले गया, जहां उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस जांच में सभी प्रमाण पुख्ता पाए गए। इस आधार पर न्यायालय में चालान पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 17 गवाहों और 22 दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को प्रतिकर योजना के तहत 50 हजार रुपए देने की अनुशंसा की।


