भास्कर न्यूज | अमृतसर एनआरएमयू ने वर्कशॉप में चल रहे फर्जीवाड़ा के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ब्रांच सेक्रेटरी राजीव शर्मा व मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मैनपावर को आउटसोर्स करने के तहत रेलवे को 37 लाख का चूना लगाया है। क्योंकि इनके द्वारा ठेकेदार को जो पत्र दिया गया उसमें यह कहीं नहीं लिखा कि ठेकेदार ने कितना मैटिरियल मूवमेंट करना है। गलत ठेके करके प्राइवेट ठेकेदार से मैनपावर ली जा रही। जबकि इनके पास आपनी मैनपावर को देने के लिए पूरा काम ही नहीं है । सब फर्जी बिलों द्वारा भुगतान किया जा रहा है। वर्कशॉप शाखा द्वारा कारखाने में मुलाजिमों की सेफ्टी को लेकर ध्यान नहीं दे रहे। शाखा अध्यक्ष कामरेड कुलबीर सिंह ने कहा कि साल 2024 में बहुत से डीओ पत्र व नोटिस बोर्ड के द्वारा प्रशासन को अवगत करवाया। लेकिन उच्च अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। इंसेंटिव के टाइम्स को मनमाने ढंग से रेलवे बोर्ड के नियमो के विपरीत कम किया गया है। इसके इलावा प्राइवेट फ्लो कार का ड्राईवर भी बिना किसी लाइसेंस के फ्लो कार को वर्कशॉप के अंदर चला रहा। अधिकारी बिना लॉग बुक के स्टाफ कार चलवा रहे और आरपीएफ स्टाफ पर दबाव बना कर गेट पर किसी गाड़ी की एंट्री भी नहीं होने दे रहे। इसके अलावा इन स्टाफ कारों को रेलवे नियमों के विपरीत रात को अपने घरों में रखते हैं, जिसका प्राइवेट तौर पर भी इस्तेमाल करते हैं। वर्कशॉप में न तो सुरक्षात्मक यूनिफॉर्म दी जा रही है और न तो अच्छी क्वालटी के टूल्स दिए जा रहे। पूरे नॉर्दन रेलवे में ही मुलाजिमों को बेहतर सुविधाएं नहीं दी जा रही। ड्यूटी पर चोट लगने पर कर्मचारियों कि एचओडी भी नहीं बनाई जाती। जिससे अफसरों के दफ्तरों में धक्के खाने पड़ते हैं।


