सफाई, सड़कों-गलियों की हालत सुधारना पार्षदों की प्राथमिकता

भास्कर न्यूज | अमृतसर नगर निगम चुनावों के बाद भले ही अभी तक सियासी खींचतान के चलते हाउस का गठन नहीं हो सका लेकिन जनता द्वारा चुने गए नुमाइंदे विकास और जनता की मुश्किलों को लेकर वचनबद्ध नजर आ रहे हैं। हालांकि इन दावों पर वह कितने खरे उतरते हैं यह तो वक्त आने पर ही पता चलेगा लेकिन सभी पिछले पार्षदों को कोसने से नहीं चूक रहे हैं। खैर, इन सभी के इलाकों में समस्याएं एक जैसी हैं, जैसे की सफाई, सिवरेज, पीने का पानी, बिजली, गलियां-सड़कें, पार्क और कानून व्यवस्था आदि-आदि। इनका कहना है कि जनता नो उन पर जो भरोसा किया है उस भरोसे को टूटने नहीं देंगे। वार्ड 57 से कांग्रेस की विजेता पार्षद मंजू मेहरा पप्पल, चौथी बार जीती हैं। उनका कहना हैं कि उनके वार्ड में जहां काफी हिस्सा शहर का सघना इलाका है तो कई इलाके नए जुड़ गए हैं। वार्ड में सीवरेज, पीने के पानी, बिजली के तारों की समस्या के साथ गलियों और सड़कों की भी समस्या है। उक्त काम को पूरा करने के अलावा नए इलाकों में नए सिरे से काम होगा साथ ही पार्कों को भी व्यवस्थित किया जाएगा। वार्ड-85 से भाजपा की पार्षद नगवंत कौर, तीसरी बार जीती हैं। उनका कहना है कि जनता ने जिस विश्वास से हैट्रिक मारने का मौका दिया है उसी पैटर्न पर विकास होगा। उनका कहना है कि पिछले के कार्यकाल में उन्होंने वार्ड का बहुमुखी विकास करवाया, जो आज भी दिख रहा है। उनका कहना है कि फिर भी जहां कहीं सीवरेज और पीने के गंदे पानी की समस्या उस पर फोकस होगा। जहां सीवरेज पाइपें पतली हैं उनको बदलवाया जाएगा। पानी की सप्लाई पाइपें जहां पुरानी हैं उनको भी रिप्लेस किया जाएगा। वार्ड 68 से भाजपा के विजेता पार्षद विकास गिल का कहना है कि उनके वार्ड की विडंबना यह रही है कि यहां पर गत 24 सालों से विकास के नाम पर कुछ नहीं किया गया। जो काम हुआ वह सेंटर के पैसे से हुआ। वैसे तो मेरे पूर्ववर्ती दावा करते थे कि 9 करोड़ का विकास काम करवाया। इसमें वह केंद्र के काम को अपने खाते में डालते रहे हैं। लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया। हालात यह हैं कि सीवरेज सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त है। फिलहाल विकास उनकी प्राथमिकता है और उस पर खरे उतरेंगे। वार्ड-60 से भाजपा के विजेता पार्षद एडवोकेट गौरव गिल ने कहा कि कि यहां का तो पूरा सिस्टम फेल है। उनका कहना है कि साल 2007 में जब उनके पिता राकेश गिल पार्षद थे, उसी दौर का विकास काम हुआ है। तब से कितने पार्षद आए लेकिन किसी ने भी वार्ड की सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि हाउस किसी का भी बने काम के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे। चूंकि वह पेशे से वकील हैं और दावा करते हैं कि जरूरत पड़ी तो न्याय व्यवस्था की भी मदद लेंगे।

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