चूरू में दूधवाखारा थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक महिला को ठगे गए ₹72,928 वापस दिलवाए हैं। साइबर ठगों ने महिला को कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देकर UPI के माध्यम से ₹74,500 ट्रांसफर करवा लिए थे। शिकायत मिलते ही पुलिस ने साइबर टीम की मदद से राशि को होल्ड कर कोर्ट आदेश पर पीड़िता के खाते में रिफंड कराया। व्हाट्सऐप कॉल पर आरोपी ने खुद को यूपी पुलिस का अफसर बताया दूधवाखारा थानाधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि 3 सितंबर को थाना क्षेत्र की एक महिला को व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का अधिकारी बताया और पीड़िता को डराते हुए कहा कि उसकी ईमेल आईडी से अश्लील वीडियो देखे और शेयर किए गए हैं, जिसके चलते उस पर केस दर्ज किया गया है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। घबराई महिला आरोपी की बातों में आ गई। एक तथाकथित स्टाम्प और केस हटाने की प्रक्रिया के नाम पर ठग ने ₹91,000 की मांग की। दबाव में आकर महिला ने UPI आईडी पर ₹74,500 ट्रांसफर कर दिए। साइबर हेल्प डेस्क ने ट्रांजैक्शन ट्रेस कर रकम होल्ड करवाई पीड़िता ने ठगी का एहसास होने पर तुरंत साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई।थाने के साइबर हेल्पडेस्क पर तैनात कॉन्स्टेबल प्रदीप कुमार और गोपीराम ने मामले को प्राथमिकता देते हुए नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत फाइल की और ट्रांजैक्शन का पाथ ट्रेस कर ₹72,928 को होल्ड करवाया। बाद में कोर्ट आदेश प्राप्त होने पर यह राशि पीड़िता के खाते में वापस जमा करवा दी गई। ठगी होने पर 1930 कॉल करें पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, व्हाट्सऐप वीडियो कॉल या ईमेल पर विश्वास न करें और न ही किसी लिंक या UPI मांगने वाले व्यक्ति को पैसे भेजें। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।


