तेरापंथ के 11वे आचार्य महाश्रमण का 14 साल बाद तेरापंथ की उद्गम स्थली केलवा में 2 दिसम्बर को मंगल प्रवेश होगा। आचार्य महाश्रमण के आगमन को लेकर केलवा में बड़े स्तर पर सर्व समाज ने एकजुटता दिखाते हुए तैयारियों शुरू कर दी है। आचार्य महाश्रमण के प्रवास को लेकर तेरापंथ धर्म संघ की ओर से बनाई गई व्यवस्था समिति संयोजक महेंद्र कोठारी व सभा अध्यक्ष प्रकाश बोहरा के नेतृत्व में तैयारियों पूरी की जा रही है। 14 साल का इंतजार पूरा होने को आचार्य के आगमन से पूर्व भिक्षु नगरी के भवनों में रंग-रोगन के साथ उद्गम स्थली अंधेरी ओरी का सौंदर्य करण व आचार्यों के संदेश लिखवाए जा रहे हैं। वहीं, भवन के अंदर बनी आर्ट गैलरी के चित्रों का भी नवीनीकरण किया जा रहा है।केलवा के लोगों का कहना है कि 14 वर्ष का यह इंतजार अब पूरा होने जा रहा है। गुरुदेव के दर्शन, वंदन और आशीर्वाद के लिए सिर्फ जैन ही नहीं सभी समुदाय उत्सुक हैं। आचार्य महाश्रमण के आगमन को लेकर केलवा आध्यात्मिकता का केंद्र बना हुआ है। गांव-गांव जाकर जनसंपर्क आचार्य महाश्रमण आगामी 2 दिसंबर को सुबह के समय बोरज से विहार करके प्रातः 10 बजे केलवा में मंगल प्रवेश करेंगे। इसके बाद वे भिक्षु विहार के पास बनाए गए विशाल पांडाल में श्रावक श्राविकाओं को उद्बोधन देंगे। आचार्य महाश्रमण के प्रवास कार्यक्रम को लेकर तेरापंथ धर्म संघ की व्यवस्था समिति की ओर से केलवा के सभी समाजों एवं आसपास के गांव-गांव में भी जनसंपर्क किया जा रहा है।


