मप्र कांग्रेस में संगठन को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए एआईसीसी प्रभारी हरीश चौधरी ने गुरुवार रात सभी जिला प्रभारियों की नियुक्ति निरस्त कर दी। ये वे प्रभारी थे जिन्हें पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने नियुक्त किया था। इन नियुक्तियों के बाद जिलों में दो पावर सेंटर जैसी स्थिति बन गई थी। जिला अध्यक्षों ने दिल्ली में शिकायत की थी कि नए प्रभारी उनके काम में दखलअंदाजी कर रहे हैं। इसके बाद एआईसीसी ने हस्तक्षेप करते हुए चौधरी ने तुरंत आदेश जारी किया। जारी आदेश में साफ लिखा गया है कि जिलों में संगठन से जुड़ी जो भी नियुक्तियां बिना पूर्व अनुमति की गई थीं, वे तुरंत प्रभाव से रद्द मानी जाएंगी। आगे से किसी भी नियुक्ति के लिए पहले औपचारिक प्रस्ताव तैयार होगा उसे अनुमति के लिए भेजा जाएगा मंजूरी मिलने पर ही नियुक्ति की जाएगी। बताया जा रहा है कि जिन जिला प्रभारियों को हटाया गया है, उन्हें पीसीसी में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। चौधरी ने बैठक में फटकारा- अलग-अलग मत भागो
गुरुवार को भोपाल में मौजूद चौधरी ने दिन में अग्रिम संगठन के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संजय कामले, अवनीश भार्गव, शिवि चौहान, रीना बौरासी, यश घनघोरिया और आशुतोष चौकसे शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक चौधरी ने सभी को कड़ी फटकार लगाई और कहा- अलग-अलग मत भागो, एक लाइन में चलो। चौधरी प्रदेश कांग्रेस की गतिविधियों से नाराज बताए जा रहे हैं। वे भोपाल में होते हुए भी युवा कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। पटवारी को लगा झटका, आगे नियुक्तियों में मुश्किलें बढ़ेंगी इन नियुक्तियों के निरस्त होने से पटवारी को बड़ा धक्का माना जा रहा है, क्योंकि यह उनके कार्यकाल की पहली संगठनात्मक नियुक्तियां थीं। अहम बात- इन नियुक्तियों के लिए उन्होंने एआईसीसी से अनुमति नहीं ली थी। माना जा रहा है कि आगे की संगठनात्मक नियुक्तियों में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।


