भास्कर संवाददाता | खरगोन गृहिणी होते हुए भी समाजसेवा में आगे रहने वाली 62 वर्षीय रेखा नारमदेव ने मौत के बाद भी लोगों को जीवन देने का संकल्प पूरा कर दिया। गुरुवार सुबह कार्डियक अरेस्ट से मौत के बाद परिजनों ने देहदान किया। यह जिले में पहला मामला है जब देहदान पर राजकीय सम्मान देते हुए पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शहर के सरस्वती नगर निवासी रेखा नारमदेव का सुबह 9 बजे निधन के बाद परिवारजनों ने देहदान कर समाज के सामने मिसाल पेश की। इसी नेक कार्य के सम्मान में पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। पति अजय नारमदेव जो वैज्ञानिक और रिटायर्ड प्राचार्य हैं। इन्होंने बताया कि साल 2018 में ही पति-पत्नी ने देहदान का संकल्प लिया था। अब उसे परिवार ने पूरी श्रद्धा के साथ निभाया। गुरुवार सुबह सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पत्नी के पार्थिव शरीर को इंदौर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया। देहदान के बाद शरीर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई, शोध के लिए नई उम्मीद बनेगा। पति की आंखें नम पति अजय नारमदेव ने बताया नौकरी के दौरान निमाड़ क्षेत्र के एक परिवार से प्रेरित होकर पत्नी और मैंने अंगदान का संकल्प लिया था, जिसे आज हमने उसे पूरा किया है। अंतिम संस्कार से बेहतर है कि हम देहदान कर समाज के काम आएं। मृत्यु के बाद भी जीवन बांटा जा सकता है। अंतिम क्रिया कर्म की रस्म की समाप्ति के बाद प्रशासन, पुलिस और समाजजन की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ विदाई दी।


