नपा मेंअनियमितताओं की जांच के भोपाल से पहुंची टीम:टीकमगढ़ में भाजपा पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ की थी शिकायत

टीकमगढ़ नगर पालिका में निर्माण कार्यों और टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की शिकायतों के बाद शुक्रवार को भोपाल से एक तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची। टीम में नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के प्रमुख अभियंता प्रदीप एस मिश्रा, लेखाधिकारी अरुणेश पचौरी और संयुक्त संचालक राजेश श्रीवास्तव शामिल हैं। संबंधित फाइलों की हुई जांच टीम ने सीएमओ के चैंबर में बैठकर संबंधित फाइलों की गहन जांच की। इस दौरान लेखाधिकारी अरुणेश पचौरी ने बताया कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और इसके पूरा होने के बाद रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी। दरअसल, भाजपा पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं और निर्माण कार्यों में गड़बड़ी को लेकर नगरीय प्रशासन आयुक्त, भोपाल के पास शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत 13 बिंदुओं पर आधारित थी। शिकायत के अनुसार, कर्माबाई मार्केट की दुकान क्रमांक 8 और 9, जो आरक्षित वर्ग (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी) के लिए थीं, उन्हें अनारक्षित (अपात्र) वर्ग के व्यक्ति को ऑफलाइन निविदा जारी कर आवंटित कर दिया गया। निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया की हुई जांच परिषद के प्रस्ताव के खिलाफ, 21 जून 2023 की पीआईसी की कार्यवाही में प्रस्ताव क्रमांक 13 के तहत अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति का संकल्प पारित किया गया। इन कर्मचारियों की नियम खिलाफ नियुक्ति कर वेतन भुगतान के माध्यम से शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। शासन की महत्वपूर्ण योजना अमृत 2.0 और मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना शहरी के तहत महेंद्र सागर तालाब बाईपास रोड के किनारे पार्क निर्माण एवं फुटपाथ सौंदर्यीकरण का कार्य तालाब के डूब क्षेत्र में चयनित किया गया। जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने इस पर आपत्ति दर्ज की थी, इसके बावजूद पार्क निर्माण कार्य जारी रखा गया, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ। जानबूझकर तालाब के डूब क्षेत्र में क्लिनिक निर्माण का चयन इसी तरह, संजीवनी क्लिनिक के निर्माण स्थल का चयन भी जानबूझकर तालाब के डूब क्षेत्र में किया गया, जिससे शासन को आर्थिक क्षति हुई। ठेकेदार चौहान इंटरप्राइजेज को वार्ड क्रमांक 01 से 27 तक पेवर्स बिछाने के लिए ऑनलाइन टेंडर क्रमांक 332079 के तहत 28.51 लाख रुपए का कार्य आवंटित किया गया था, लेकिन उसे कुल 67 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इसके अलावा शिकायत में अन्य बिंदु भी शामिल है।

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