रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में गुरुवार को कार्य परिषद की बैठक हुई, जिसमें दिव्यांगजनों की भर्ती से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। विश्वविद्यालय ने चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है, लेकिन तृतीय श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लगभग 15 दिन पहले, राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की जबलपुर उपशाखा ने एक बड़ी रैली निकालकर कुल सचिव को ज्ञापन सौंपा था। संघ ने दो साल से अटकी नियुक्तियों को जल्द पूरा करने की मांग की थी। उस समय प्रशासन ने लिखित आश्वासन देने की बात कही थी, लेकिन बाद में इससे मुकर गया। राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ से जुड़े राजाराम पटेल ने बताया कि विश्वविद्यालय में दिव्यांगजनों के लिए चतुर्थ श्रेणी में कुल 16 सीटें आरक्षित हैं। इनमें माली, चौकीदार, सफाईकर्मी और प्रयोगशाला सहायक जैसे पद शामिल हैं। वहीं, तृतीय श्रेणी में 6 सीटें आवंटित हैं, जिनमें तकनीकी सहायक, निम्न वर्ग लिपिक और तकनीकी सहायक (ग्रंथालय) जैसे पद शामिल हैं। इनमें से कुछ पद श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए भी आरक्षित हैं। राजाराम पटेल ने चेतावनी दी है कि यदि स्थगित की गई इन भर्तियों पर एक महीने के भीतर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो संघ दोबारा प्रदर्शन करेगा। इस संबंध में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डीके बघेल ने बताया कि तृतीय श्रेणी की भर्ती को अभी रोस्टर के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह बताना मुश्किल है कि इसमें कितना समय लगेगा, लेकिन जल्द ही कोई फैसला आने की उम्मीद है।


