निवाड़ी जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट कार्यालय के पास काली माता मंदिर पहाड़ी के नीचे वन विभाग की भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। न्यायालय के आदेश और लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर वन विभाग ने अवैध रूप से बने एक पक्के मकान को जेसीबी से ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारी महिलाओं ने भारी विरोध किया और उत्पात मचाया। वन विभाग तथा पुलिसकर्मियों के साथ छीना-झपटी की स्थिति भी बनी। हालांकि, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 में वनभूमि पर कई वर्षों से तेजी से अतिक्रमण बढ़ रहा था। रेंजर आकाश राजपूत द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद अतिक्रमणकारी पीछे नहीं हटे। बल्कि, वन विभाग की टीमों के साथ अभद्रता की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस पंजीकृत मामले पर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी बेदखली आदेश के आधार पर विभाग ने यह सख्त कार्रवाई की। उप वनमण्डलाधिकारी श्रीमती हरमन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में रेंजर आकाश राजपूत, निवाड़ी, पृथ्वीपुर, सेंदरी और जेरोन रेंज के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कार्रवाई स्थल पर कुल मिलाकर करीब 20 वनकर्मी, 10 चौकीदार और पुलिस बल सहित 30 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो महिला वनकर्मी और एक महिला पुलिसकर्मी को विशेष रूप से लगाया गया था। रेंजर आकाश राजपूत ने कहा कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह वन संपदा की सुरक्षा और संरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार मकान को बेदखल कर आगे की कार्रवाई हेतु कोर्ट चालान किया जा रहा है। रेंजर ने यह भी बताया कि पहाड़ी क्षेत्र और वार्ड 5 में अब भी कई स्थानों पर अतिक्रमण मौजूद है। इन्हें जल्द ही चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा, ताकि वन विभाग की भूमि पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त की जा सके।


