सलूंबर में शुक्रवार को जिला विकास, समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता उदयपुर सांसद मन्ना लाल रावत ने की। सांसद रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिले के समग्र विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सकारात्मक और प्रो-एक्टिव सोच के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को समय पर लाभान्वित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सांसद रावत ने चेतावनी दी कि किसी भी योजना के क्रियान्वयन में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा की सांसद ने कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने बगीचा स्थापना, फार्म पॉन्ड, पॉली हाउस और शेड नेट हाउस जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने तथा सब्सिडी योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को कम क्लेम मिलने पर सांसद ने चिंता व्यक्त की। रावत ने कहा कि फसल खराब होने पर किसान बीमा क्लेम से वंचित न रहें, यह सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही है। पशुपालन विभाग को पशुओं के टीकाकरण अभियान में तेजी लाने को कहा गया। बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, एनआरएलएम और दीनदयाल जैसी केंद्र व राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान, जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने कहा कि जिला प्रशासन सभी निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन कर लंबित कार्यों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं को समय पर जनता तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधियों ने रखी क्षेत्रीय समस्याएं बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं से सांसद को अवगत करवाया। सांसद रावत ने संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि अगली बैठक से पूर्व सभी सदस्य को पालना रिपोर्ट भेजी जाए।


