मध्य प्रदेश के अजाक्स (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ) के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष और IAS अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण कन्याओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी ने ब्राह्मण समाज में गहरा असंतोष पैदा कर दिया है। यमुनानगर जिले के ब्राह्मण संगठनों ने आज (शुक्रवार को) थाना फर्कपुर में शिकायती पत्र देकर IAS अधिकारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह टिप्पणी जातिवादी और अपमानजनक है, जो समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। टिप्पणी को पूरे समाज के लिए बताया अपमानजनक भगवान श्री परशुराम सेना संघ ट्रस्ट हरियाणा और सर्वब्राह्मण समाज ने इस टिप्पणी को ब्राह्मण महिलाओं और पूरे समाज के लिए अपमानजनक बताया है। भगवान श्री परशुराम सेना संघ ट्रस्ट के प्रदेशाध्यक्ष कपिल पंडित ने कहा कि 23 नवंबर को संतोष वर्मा ने सार्वजनिक रूप से कहा था, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दें या उससे संबंध दें, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए। कपिल पंडित ने कहा कि वर्मा एक प्रशासनिक पद पर होने के बावजूद ऐसी टिप्पणी कर रहे हैं, जो कई धाराओं का उल्लंघन है। शिकायत में IPC की धारा 499 का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह धारा किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से झूठे या अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने को अपराध मानती है, जिसमें दो साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। महिलाओं की गरिमा पर हमला शिकायतकर्ता योगेश शर्मा ने आरोप लगाया कि यह बयान विशेष रूप से ब्राह्मण समाज, महिलाओं और बेटियों की भावनाओं को आहत करने का उद्देश्य रखता है, जिससे समाज में विद्रोह और असंतोष के स्वर उभर रहे हैं। यह टिप्पणी न केवल जातिवादी है, बल्कि महिलाओं की गरिमा पर हमला है। यदि प्रशासन ने स्वयं संज्ञान लेकर FIR दर्ज नहीं की, तो अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज सहित अन्य संगठन प्रदेश और देश स्तर पर संवैधानिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। हम बेटियों की रक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए एकजुट हैं।


