महाकौशल शुगरमिल विवाद: जालम सिंह ने आरोपों को बताया निराधार:पूर्व मंत्री ने राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए की निष्पक्ष जांच की मांग

नरसिंहपुर जिले के बचई स्थित महाकौशल शुगर मिल विवाद ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल ने मिल प्रबंधक नवाब रजा के लगाए आरोपों को पूरी तरह निराधार, असत्य और सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। शुक्रवार को विधायक निवास में आयोजित पत्रकार वार्ता में पटेल ने कहा कि पहली बार किसी व्यक्ति ने बिना तथ्य और साक्ष्य के कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल और उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जोर दिया कि तथ्यों के बिना सीधे मीडिया में बयान देना स्वयं यह साबित करता है कि यह मामला राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है। पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पास कोई सबूत है तो वह सामने आए, अन्यथा झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शासन और प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि पूरा सच सामने आ सके। इसी दौरान, जिला भाजपा अध्यक्ष रामस्नेही पाठक ने भी मिल प्रबंधन द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल की छवि हमेशा पारदर्शी और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप रही है। पाठक ने आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन पूर्व में अतिक्रमण, प्रशासनिक कार्यवाहियों और अन्य विवादों में घिरा रहा है, और अब इसी दबाव से बचने के लिए मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। यह है मामला 25 नवंबर को जयदीप दुबे नाम का युवक अपने साथियों के साथ महाकौशल शुगर मिल में घुसा और तौल कांटे बंद करा दिए घटना के दूसरे दिन मामले का वीडियो सामने आया। इसके बाद शुगर मिल संचालक ने गुरुवार को प्रेसवार्ता कर घटना कराने के पीछे केबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल सहित पूर्व राज्यमंत्री उनके भाई जालम सिंह पटेल का हाथ बताया था। ये भी देखें… नरसिंहपुर की महाकौशल शुगर मिल में उपद्रव का मामला:मिल संचालक का आरोप- ‘मप्र शासन’ लिखे वाहन से आए थे उपद्रवी; निष्पक्ष जांच की मांग नरसिंहपुर जिले की बचई स्थित महाकौशल शुगर मिल में मंगलवार को हुए उपद्रव का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मिल संचालक नवाब रजा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उपद्रव करने वाले युवक ‘एमपी शासन’ लिखे वाहन से आए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे मिल संचालन बंद करने को मजबूर होंगे।पूरी खबर पढ़ें

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