बैतूल के घोड़ाडोंगरी विकासखंड के प्राथमिक शिक्षक रघुनाथ फौजदार के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। उन पर बिना वैध डॉक्टरी डिग्री और रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से इलाज करने का आरोप है। शुक्रवार को यह कार्रवाई शाहपुर थाने में बीएमओ डॉ. शिवकुमार रघुवंशी की रिपोर्ट पर की गई। एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि शिक्षक रघुनाथ फौजदार के विरुद्ध मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घर पर छापा मारा था। वहां वह मरीजों को एलोपैथिक दवाएं और इंजेक्शन देते पाए गए। छापेमारी के दौरान मौके से दवाइयां, बायोमेडिकल वेस्ट, इंजेक्शन के वायल और इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। घर में क्लिनिक चला रहा था टीचर जांच में खुलासा हुआ कि फौजदार लंबे समय से अपने घर में क्लिनिक चलाकर मरीजों का इलाज कर रहे थे। शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मामले का संज्ञान लिया और सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए। आरोपी टीचर सस्पेंड जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर कलेक्टर ने शिक्षक रघुनाथ फौजदार को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, घोड़ाडोंगरी कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि शिक्षक कितने समय से इस अवैध कार्य में लिप्त था और उसने कितने मरीजों का इलाज किया।


