सीकर संभाग और नीमकाथाना जिले को समाप्त करने के विरोध में आज सीकर में बाजार बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। बाजार बंद के दौरान नवलगढ़ रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ता व दुकानदार आपस में भिड़ गए। बंद का कई व्यापारिक संगठनों ने समर्थन किया और प्रतिष्ठान नहीं खोले। बंद के चलते सीकर का ज्यादातर बाजार बंद रहा। जाट बाजार, तापड़िया बगीची, तबेला बाजार, घंटाघर, रेलवे स्टेशन व बजाज रोड सहित आस-पास के क्षेत्र में दुकानें बंद रही। वहीं अस्पताल, मेडिकल शॉप, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी को बाजार बंद से अलग रखा गया। गुरुवार को प्रधानजी का जाव में आयोजित इंडिया गठबंधन की सभा में 4 जनवरी को सीकर में बाजार बंद का आव्हान किया गया था। सभा में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। बाजार बंद के दौरान अनेक संगठनों ने कल्याण सर्किल व जाट बाजार में पहुंचकर विरोध- प्रदर्शन भी किया और केंद्र व राज्य सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए। सुरक्षा के मध्य नजर बाजार में पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया। टैक्सी यूनियन (सीटू) ने भी सीकर बंद को समर्थन दिया। बाजार में ऑटो चलने भी बंद रहे। संघर्ष समिति के सदस्य अभिभाषक संघ सीकर के अध्यक्ष भागीरथ मल जाखड़ ने कहा- जब तक सीकर को फिर से संभाग व नीमकाथाना को जिले का दर्जा नहीं मिलता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। आज का यह बाजार बंद सरकार को चेताने के लिए है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन उग्र रूप लेगा। सड़के जाम की जाएगी और भजनलाल सरकार के पुतले फूंककर विरोध जाया जाएगा। माकपा के जिला सचिव पूर्व विधायक पेमाराम व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने साझा बयान जारी कर कहा- भाजपा की निकम्मी, युवा विरोधी और किसान विरोधी सरकार ने सीकर से संभाग व नीमकाथाना से जिले का दर्जा छीन लिया है। शेखावाटी के लोगों ने संघर्ष कर सीकर को संभाग व नीमकाथाना को जिला बनाया था। भाजपा सरकार ने इसे निरस्त कर दिया। जिससे शेखावटी के लोगों की वर्षों पुरानी मांग व अरमानों पर पानी फिर गया। जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। सीकर के लोग सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे। आज इस बंद में सरकार को चेताने के लिए छात्र व युवा संगठन, व्यापार मंडल, कर्मचारी संगठन व किसानों सहित सभी अनेक तबके के लोगों ने बंद का समर्थन किया है। लोगों ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बंद के दौरान आगे आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। वहीं SFI के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष जाखड़ ने कहा- राजस्थान सरकार विकास तो नहीं विनाश जरूर कर रही। मोदी जी नाम बदल रहें और राज्य की डबल इंजन पर्ची सरकार संभाग व जिले निरस्त करने में लगी हुई है। भजनलाल सरकार ने सीकर को संभाग निरस्त कर दो दशाक पीछे धकेल दिया है। जिसका खामियाजा इस डबल इंजन सरकार को भुगतना पड़ेगा। इसके लिए एसएफआई सड़कों पर उतरेगा।


