बारां में संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षा के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के निर्देश पर पूरे जिले में सर्वेक्षण कर कुल 330 खुले बोरवेल बंद करवाए गए। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बच्चों और जानवरों को खुले बोरवेल से होने वाले खतरों से बचाना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पिछले कुछ वर्षों में खुले बोरवेलों में गिरने से कई बच्चों की जान जाने की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे खुले बोरवेलों की पहचान करें और तुरंत कार्रवाई करें। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया गया। एडीएम दिवांशु शर्मा ने बताया कि जिले के हर गांव, कस्बे और शहरी क्षेत्र में खुले बोरवेल की पहचान की गई। इसमें ग्राम पंचायतों, नगर पालिकाओं और स्थानीय निवासियों का सहयोग लिया गया। बोरवेल बंद करने की प्रक्रिया
चिह्नित बोरवेलों को बंद करने के लिए इंजीनियरों और तकनीकी टीमों को तैनात किया गया। उन्होंने बोरवेल को लोहे के दक्कन, सीमेंट और अन्य सामग्री से पूरी तरह ढक कर बंद किया। स्थानीय जागरूकता
प्रशासन ने लोगों को जागरूक किया कि वे भविष्य में बोरवेल खुदाई के बाद उसे खुला न छोड़ें। इसके लिए जुर्माने और कानूनी कार्रवाई के प्रावधान भी तय किए गए। नियमित होगी निगरानी
प्रशासन ने बताया कि आगे भी समय-समय पर जिले में खुले बोरवेल की निगरानी की जाएगी। बोरवेल खुदाई करने से पहले प्रशासन को सूचित करना आवश्यक है, वहीं, जो लोग नए बोरवेल खुदाई के बाद उन्हें बंद नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


