सीएम के स्वागत-गुलदस्तों की भीड़ से गुस्सा हो गए तोमर:यूथ कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी…दूसरे के पास; मंत्रीजी बोले- अभी हम जिंदा हैं

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। नए नवेले अध्यक्ष को ही नहीं मिली कुर्सी
भोपाल में मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के नए नवेले अध्यक्ष यश घनघोरिया का पदभार ग्रहण समारोह हुआ, लेकिन इस कार्यक्रम में खुद उन्हें कुर्सी ही नहीं मिली। वे दो अतिथियों के बीच चेयर हैंडल पर बैठकर किसी तरह एडजस्ट हुए। जैसा कि कांग्रेस के मंच पर अक्सर होता है, यहां भी मंच पर कांग्रेस नेताओं की भारी भीड़ थी। यश घनघोरिया ही नहीं, पूर्व विधायक कुणाल चौधरी और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में नंबर दो पर रहे अभिषेक परमार भी चेयर हैंडल पर बैठे। अपने भाषण की बारी आने पर जीतू पटवारी को भी माइक तक पहुंचने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। कुछ देर के लिए तो वे नेताओं की जमावट में लग गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बैठाया और अपनी जगह बनाई। अब लोग कह रहे हैं कि यूथ कांग्रेस के नए अध्यक्ष यश घनघोरिया की चेयर रेस खत्म नहीं हो रही है। पहले चुनाव जीते तो रिजल्ट पर अपनों ने आपत्ति कर दी। बाद में उन्हें अध्यक्ष घोषित किया गया। अब जब पदभार की बारी आई तो भी कुर्सी दगा दे गई। तोमर ने भाजपा नेताओं को लगाई डांट
श्योपुर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर नाराज हो गए। उन्होंने माइक पर जाकर भाजपा नेताओं को डांट लगाई और उन्हें अपनी-अपनी जगह बैठने को कहा। ये देखकर खुद सीएम डॉ. मोहन यादव हैरान रह गए। दरअसल, किसानों को मुआवजा राशि वितरण करने श्योपुर आए सीएम डॉ. मोहन यादव का भाजपा नेता स्वागत कर रहे थे। उनके साथ सेल्फी ले रहे थे। मंच पर नेताओं की काफी भीड़ लग गई थी। सीएम को इस कार्यक्रम के बाद मुरैना भी जाना था। उन्हें देर हो रही थी। लेकिन भीड़ उनके पास से हटने का नाम नहीं ले रही थी। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सीधे डायस पर पहुंच गए और माइक से ही भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण और विजयपुर के पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी समेत अन्य नेताओं को अपनी-अपनी सीटों पर बैठने के लिए कहा। मंत्री बोले- शिलालेख की पूजा मत करना
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सड़कों के भूमि पूजन कार्यक्रम में पूजा करा रहे पंडित जी को टोक दिया। उन्हें शिलालेख की पूजा नहीं करने को कहा। मंत्री खंडवा जिले के ओंकारेश्वर पहुंचे थे। मंत्री राकेश सिंह ने पंडित जी से कहा कि इन शिलालेख की पूजा मत करना। कुमकुम और चावल भी नीचे ही छिड़कना, ऊपर नहीं। शिलालेख पर जिनके नाम लिखे हैं, वो सभी जिंदा हैं। हम लोग गलती से अपने को ही तिलक लगाए जाते हैं। हम जिंदा बैठे हैं। पूजन के दौरान मंत्री राकेश सिंह पुजारी से दूर ही खड़े रहे। उन्होंने पूजा के लिए सांसद, विधायक और भाजपा नेताओं को आगे कर दिया। इस वाकया को देखकर हर कोई हैरान रह गया। क्या गोविंद सिंह और भूपेंद्र सिंह में दूरियां मिट गई?
बुंदेलखंड की राजनीति के दो दिग्गज मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और विधायक भूपेंद्र सिंह, एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते। एक साथ नजर आए तो चर्चा का विषय बन गए। बुधवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सागर पहुंचे थे। इस दौरान दोनों नेता उनके साथ दिखे। रोड शो में भी दोनों नेता एक साथ खड़े नजर आए। भाजपा की बैठक में भी शामिल हुए। इतना ही नहीं हेमंत खंडेलवाल जब बारी-बारी से गोविंद सिंह राजपूत और भूपेंद्र सिंह के घर पहुंचे तो उनके साथ दोनों नेता भी एक-दूसरे के घर पहुंचे। साथ में खाना भी खाया। दोनों एक ही कार में पास-पास बैठे नजर आए। बता दें कि दोनों नेताओं के बीच लंबे अरसे से राजनीतिक अदावत चली आ रही है। अब दोनों के बीच सबकुछ सही होने और भाजपा में गुटबाजी नहीं होने का दावा किया जा रहा है। सवाल ये कि क्या सही में दोनों नेताओं के बीच सुलह हो गई है या फिर सियासी मजबूरी उन्हें साथ खींच लाई। दरअसल, अध्यक्ष जी आए थे तो दोनों नेताओं को एक छतरी के नीचे तो आना ही था। अब लोग पूछ रहे हैं कि हाथ तो मिल गए, क्या दिल भी मिलेंगे। बात खरी है सीरीज की ये कड़ी भी पढ़ें… मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- मैं एक नंबर का विधायक हूं: मंच पर फूट पड़ा धीरेंद्र शास्त्री की हंसी का फव्वारा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों शिवपुरी में कथा कर रहे हैं। इस दौरान एक बच्ची ने उनसे ऐसा सवाल पूछ लिया, जिसे सुनकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हंसी का फव्वारा फूट पड़ा। कथा पंडाल में भी जमकर ठहाके लगे। पूरी खबर पढ़ें..

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