डीजी होमगार्ड ने चारों कर्मियों पर लगे आरोपों की जांच के लिए बनाई तीन सदस्यीय कमेटी रिश्वत मांगने के आरोप में झारखंड गृह रक्षा वाहिनी के चार कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित होने वालों में स्थापना शाखा के प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार, डीआईजी गोपनीय के रीडर सूरज प्रकाश सिंह, रीडर डीजी दीपक पुंज और ओटीडी शाखा के निरीक्षक संजय सिंह शामिल हैं। इस संबंध में गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा झारखंड ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि इनके विरुद्ध पैसे के लेन-देन से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए थे। उक्त आरोप में कार्यालय की ओर से इन सभी से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी। इनके द्वारा जो जवाब दिया गया, उसकी समीक्षा में इनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इनका कृत्य व आचरण इनके घोर अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता, मनमानेपन, भ्रष्ट आचरण एवं एक अयोग्य पदाधिकारी होने का परिचायक है। इसलिए इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। तीन जिलों के समादेष्टा करेंगे मामले की जांच
डीजी होमगार्ड ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें तीन जिले बोकारो, धनबाद और पूर्वी सिंहभूम के जिला समादेष्टा को रखा गया है। ये कमेटी जांच करेगी और 15 दिन में अपनी रिपोर्ट डीजी होमगार्ड को देगी। इसके बाद उक्त चारों आरोपी कर्मियों के विरुद्ध आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पत्नी व खुद के फोन-पे पर पैसा लेने के कारण फंसे चारों कर्मी
आरोपी कर्मियों ने कैलाश प्रसाद यादव से अपनी पत्नी व खुद के फोन पे के जरिए रुपए लिए। इसी वजह से ये चारों इस मामले में फंस गए और बाद में निलंबित किए गए। इनके विरुद्ध कैलाश यादव ने फोन पे पर पैसे दिए जाने का स्क्रीन शॉट भी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंपा है। जिसमें बताया है कि दीपक पुंज ने 18 अक्टूबर को व 17 नवंबर को 5 हजार व 10 हजार रुपए फोन पे पर अपनी पत्नी के नाम पर लिए। अनुज कुमार ने 28 सितंबर को 5 हजार रुपए अपनी पत्नी के नाम पर फोन पे पर मंगाए। वहीं अनुज कुमार ने बिरसा मुंडा फुड प्लाजा के पास भी नगद 15 हजार रुपए लिए। जबकि, संजय सिंह ने 11 नवंबर को 8 हजार रुपए अपने मोबाइल पर फोन पे के जरिए लिए। सूरज प्रकाश सिंह ने भी 11 सितंबर को 2 हजार रुपए अपने फोन पर लिए। चारों कर्मियों पर 8 लाख रूपए घूस मांगने का आरोप
झारखंड गृह रक्षा वाहिनी के चारों कर्मियों पर बर्खास्त कंपनी कमांडर कैलाश प्रसाद यादव ने एसीबी में 26 नवंबर को 8 लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि इन चारों लोगों ने एक पुराने केस की फाइल फिर से खोलने की धमकी देकर उनसे आठ लाख रुपए रिश्वत देने की मांग की थी।


