गुना के धरनावदा थाना इलाके में 10 साल पहले ट्रक ड्राइवर की जलने से हुई मौत के मामले में गिरफ्तार बर्खास्त सब-इंस्पेक्टर (SI) रामवीर कुशवाह की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि यदि आरोपी को जमानत दी जाती है, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इससे पहले जिला कोर्ट भी उसकी जमानत अर्जी नामंजूर कर चुका है। जानकारी के अनुसार, ललितपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी माखन कुशवाह की 21 जून 2015 को रूठियाई चौकी के पास जलने से मौत हो गई थी। इस मामले में धरनावदा थाने में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। तत्कालीन SI ने केस में लगा दिया था खात्मा
उस समय पदस्थ थाना प्रभारी SI रामवीर कुशवाह ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को खात्मा (केस बंद करने) लगाने का प्रतिवेदन भेजा था। इसे स्वीकृत भी कर दिया गया और खात्मा लगने के बाद यह केस बंद हो गया था। 2019 में फिर खुली फाइल, सामने आई भूमिका
वर्ष 2019 में इस केस को फिर से खोला गया। जांच में आए नए तथ्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया। विवेचना में सामने आया कि इस मामले में रामवीर कुशवाह की संदिग्ध भूमिका थी। इसके आधार पर उसे आरोपी बनाया गया और साक्ष्य छुपाने व आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराएं बढ़ाई गईं। पहले से जेल में है आरोपी, 5 और केस दर्ज
आरोपी रामवीर कुशवाह पर 5 अन्य मामले भी दर्ज हैं। वह आत्माराम पारदी मर्डर केस में इस्तेमाल की गई कार को फर्जी तरीके से खरीदने के मामले में पहले से चांचौड़ा उप जेल में बंद है। जेल से ही हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने वाले इस पुराने मामले में 28 अक्टूबर को उसकी फॉर्मल गिरफ्तारी की थी। उसे मंगलवार को राघौगढ़ कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे वापस न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। हाईकोर्ट ने खारिज किया आवेदन
रामवीर कुशवाह ने पहले जिला कोर्ट में जमानत आवेदन लगाया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में आवेदन दिया। शुक्रवार को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने भी जमानत देने से इनकार कर दिया।


