जयपुर के मुहाना मंडी परिसर में शुक्रवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की 135वीं पुण्यतिथि पर किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और मंडी में काम करने वाले विभिन्न वर्गों ने पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। सभी ने मिलकर सामाजिक सुधार, शिक्षा और किसानों के हित में किए गए फुले के योगदान को याद किया। जयपुर फल-सब्जी थोक विक्रेता संघ, मुहाना के अध्यक्ष योगेश तंवर ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले के योगदान को देखते हुए ही एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी का नामकरण उनके नाम पर किया गया है। लगातार समाज के शोषित वर्ग, किसानों और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले फुले के सम्मान में मंडी का नामकरण उनके नाम पर रखा गया, ताकि उनके विचारों और योगदान को आने वाली पीढ़ियां भी याद रख सकें। व्यापारियों और किसानों ने दी श्रद्धांजलि उन्होंने बताया कि यह केवल एक पुष्पांजलि कार्यक्रम नहीं था, बल्कि फुले के विचारों को याद करने और उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प भी था। पुण्यतिथि पर मंडी में काम करने वाले मजदूरों, किसानों, व्यापारियों और माशाखोरों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर महात्मा फुले को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने किसानों की शिक्षा, सामाजिक समानता और समाज में कमजोर तबकों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वह आज भी सभी के लिए प्रेरणा हैं। कार्यक्रम के दौरान मंडी परिसर में मौजूद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और मजदूर-किसान समुदाय ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


