विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान झुंझुनूं जिले की मतदाता सूचियों में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किए गए घर-घर सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि जिले के 32,187 से अधिक मतदाता अब स्थायी रूप से अपने मूल निवास स्थान को छोड़ चुके हैं। बीएलओ ने इन सभी मतदाताओं की ‘परमानेंट शिफ्ट रिपोर्ट’ (IF फॉर्म) तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी है। जिले में मतदाताओं के स्थायी रूप से शिफ्ट होने का औसत 1.74 प्रतिशत है। विधानसभा क्षेत्रवार शिफ्टिंग: पिलानी में सर्वाधिक प्रभाव 26 नवंबर की शाम तक कुल 32,187 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। सर्वाधिक शिफ्टिंग: यह प्रतिशत सबसे ज्यादा पिलानी विधानसभा क्षेत्र में देखा गया है, जहां औसत के मुकाबले 2.27 प्रतिशत मतदाता परमानेंट शिफ्ट हुए हैं। ग्रामीण मतदाताओं का प्रभाव: शिफ्ट होने वाले मतदाताओं में ग्रामीण क्षेत्रों के वोटर्स की संख्या शहरी क्षेत्रों के मुकाबले काफी अधिक है। शिफ्ट होने की मुख्य वजहें: दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद बने नए ठिकाने बीएलओ ने घर वालों और पड़ोसियों से संपर्क कर इन मतदाताओं के स्थायी रूप से शिफ्ट होने की पुष्टि की है। मतदाता सूची से नाम कटवाने की मुख्य वजहें इस प्रकार हैं: रोजगार/व्यापार: कई मतदाता नौकरी या बेहतर रोजगार के लिए जिले या राज्य से बाहर चले गए हैं। केस स्टडी में पता चला है कि लोग मुख्य रूप से दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में बस गए हैं। विवाह: जिन युवतियों का नाम मतदाता सूची में था, शादी होने के बाद उनका नाम दूसरे स्थान (ससुराल) पर जुड़ गया है। निवास स्थान परिवर्तन: कुछ लोग इसी जिले के दूसरे विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और वहीं अपना नाम दर्ज करा लिया है। बूथ लेवल ऑफिसर केवल उन्हीं लोगों को ‘परमानेंट शिफ्ट’ की श्रेणी में रख रहे हैं, जिनके निवास छोड़ने की पुष्टि उनके परिवार के सदस्यों या पड़ोसियों द्वारा की जा रही है। बीएलओ ने बताया कि कई घरों पर स्थायी रूप से ताले लगे हुए पाए हैं।


