प्रदेश के भोपाल में आयोजित अजाक्स के अधिवेशन के दौरान नवनियुक्त प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा (आईएएस) के बयानों को कथित तौर पर तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने के विरोध में कटनी अजाक्स संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। शुक्रवार देर शाम डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा को यह ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जिला अजाक्स और जयस ने मिलकर 5 प्रमुख मांगें रखी हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि आईएएस संतोष वर्मा अनुसूचित जनजातीय वर्ग से आते हैं। उन्होंने 23 नवंबर को भोपाल में हुए अधिवेशन के दौरान सामाजिक समरसता, सद्भाव और जातिवाद उन्मूलन की दिशा में एक सकारात्मक संवैधानिक उद्बोधन दिया था। उनके वक्तव्य में रोटी-बेटी के संबंधों के माध्यम से सामाजिक एकता, हिंदू एकता और जाति-पाति से ऊपर उठकर मानवता व संविधान को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा दी गई थी। हालांकि, संघ का आरोप है कि कुछ तथाकथित समाज विरोधी तत्व, दलित एवं आदिवासी विरोधी मानसिकता रखने वाले समूह और निजी स्वार्थ से प्रेरित संगठन जानबूझकर वर्मा के उद्बोधन को तोड़-मरोड़कर भ्रामक तरीके से सामाजिक वैमनस्यता फैलाने हेतु प्रस्तुत कर रहे हैं। संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में अजाक्स ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें संतोष वर्मा (आईएएस), प्रांताध्यक्ष अजाक्स संघ म.प्र. के विरुद्ध जारी कारण बताओ नोटिस तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग शामिल है। साथ ही, समाज में जातिगत तनाव एवं वैमनस्य फैलाने वाले व्यक्तियों/समूहों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, संघ ने मीडिया ट्रायल कर रहे समाचार पत्रों को चेतावनी देने और उन्हें तथ्यात्मक, संवैधानिक एवं संतुलित पत्रकारिता के लिए निर्देशित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि शासन एक स्वतंत्र समिति गठित कर प्रकरण की जांच सुनिश्चित करे और आदिवासी, दलित एवं वंचित वर्ग के वरिष्ठ अधिकारियों को बिना कारण प्रताड़ित न किया जाए। सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता के संवर्धन हेतु “अनुलोम-विलोम विवाह योजना” को अधिक सशक्त रूप में लागू करने की मांग भी की गई है।


