अशोकनगर देहात थाना पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी और उसके पिता को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पिता ने नाबालिग को अपने घर में रखने के लिए कथित तौर पर एक ‘सहमति पंचनामा’ तैयार कराया था, जिसे पुलिस ने अवैध माना है। पीड़िता ने 26 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने बाप-बेटे दोनों को पकड़कर न्यायालय में पेश कर दिया है। देहात थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा ने बताया कि 16 वर्षीय नाबालिग पीड़िता ने 26 नवंबर को युवक के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। पिता ने बनवाया था फर्जी ‘सहमति पंचनामा’
विवेचना के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। आरोपी हरनाम अहिरवार ने अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ मिलकर नाबालिग बालिका का एक ‘सहमति पंचनामा’ तैयार कराया था। हालांकि, जांच में यह पंचनामा कानूनी रूप से वैध नहीं पाया गया। पुलिस ने इसे भी विवेचना में शामिल कर लिया है। घर में पनाह दी, बेटे ने किया दुष्कर्म
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पिता हरनाम अहिरवार और उसके पुत्र राजेश अहिरवार ने पीड़िता को अपने संरक्षण में घर पर ठहराया था। इसी दौरान आरोपी राजेश अहिरवार ने नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी हरनाम अहिरवार (41) और उसके पुत्र राजेश अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है। देहात थाने में अपराध क्रमांक 550/25, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2)(एम), 127(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(1)/6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पूरी कार्रवाई में देहात थाना प्रभारी उप निरीक्षक भुवनेश शर्मा, सोनम यादव और आरक्षक रश्मि शाक्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


