स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में भोपाल अब तक 60% डिजिटाइजेश कर चुका है। यानी, 11.88 लाख वोटर्स के फार्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। जिले की 7 विधानसभा में बैरसिया में आंकड़ा 90 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जबकि भोपाल दक्षिण-पश्चिम सबसे पीछे हैं। ऐसे में कलेक्टर समेत सभी एडीएम, एसडीएम-तहसीलदार भी मैदान संभाले हुए हैं। जिससे बाकी काम अटक गए हैं। खासकर जमीन से जुड़े मामले जैसे- बंटाकन, सीमांकन, नामांतरण जैसे काम नहीं हो रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुबह से देर रात तक डिजिटाइजेशन का काम हो रहा है। उसकी मानीटरिंग, बीएलओ की ड्यूटी समेत कई काम में लगे हैं। ऑफिस स्टॉफ भी काम में जुटा है। इसलिए एसडीएम और तहसीलदारों ने अपनी कोर्ट पेशियां आगे बढ़ा दी हैं। निगम से जुड़े काम भी पेंडिंग
दूसरी ओर, नगर निगम के इंजीनियर, पटवारी, राजस्व निरीक्षक को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। इस कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में भी देरी हो रही है। जनता से जुड़े 500 मामले आते हैं हर रोज
जानकारी के अनुसार, भोपाल में नामांतरण, सीमांकन, फौती नामांतरण, मूल निवासी, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस सहित करीब 500 से अधिक मामले प्रतिदिन आते हैं। इसके अलावा हर दिन करीब तीन सौ प्रकरणों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार सुनवाई करते हैं। एसआईआर ड्यूटी करने की वजह से उन्होंने अधिकांश कोर्ट की पेशियां आगे बढ़ा दी है। सिर्फ वही काम किए जा रहे हैं, जो जरूरी है। दफ्तर आने वालों से कहा जा रहा है कि 4 दिसंबर के बाद ही केस की सुनवाई हो सकेगी। शुरुआत में धीमी, अब रफ्तार पकड़ रहा एसआईआर
4 नवंबर से एसआईआर सर्वे शुरू हुआ है। 19 नवंबर तक की स्थिति में भोपाल जिले की स्थिति काफी खराब रही। इस वजह से निर्वाचन आयोग की फटकार भी पड़ी। ऐसे में पूरा प्रशासनिक अमला अब इस काम में जुट गया। इससे सभी फॉर्म बांटे जा चुके हैं, वहीं उन्हें वापस लेकर डिजिटाइजेशन का काम भी 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बता दें कि सात विधानसभा सीटों में 21 लाख 25 हजार 908 वोटर हैं। इनमें से 21 लाख फॉर्म बांटे जा चुके हैं। 19 नवंबर तक की स्थिति में फॉर्म की वापसी का प्रतिशत 7.37 ही था, लेकिन शनिवार सुबह तक की स्थिति में यह 60 प्रतिशत पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, बैरसिया में 90%, भोपाल उत्तर में 61.5%, नरेला में 56%, भोपाल दक्षिण-पश्चिम में 48.5%, भोपाल मध्य में 51.6%, गोविंदपुरा में 50.8% और हुजूर में 63% डिजिटाइजेशन का काम हुआ है। 4 दिसंबर तक पूरा करना है काम
उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि 4 दिसंबर तक की डेटलाइन है। इससे पहले ही काम पूरा कर लेंगे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि हर दो घंटे में रिपोर्ट ले रहे हैं। काम जल्दी पूरा करने के लिए यह प्रयास


