कोटपूतली नगर परिषद ने नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) और हाउस टैक्स वसूली में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने के लिए क्यूआर कोड सिस्टम लागू किया है। इसके तहत शहर की सभी 5500 टैक्स योग्य संपत्तियों पर क्यूआर कोड प्लेट लगाई जा रही हैं। यह पहल लोगों को घर बैठे अपने भूखंड या मकान के कर निर्धारण (असेसमेंट) को ऑनलाइन देखने और उसका भुगतान करने की सुविधा प्रदान करेगी। नगर परिषद आयुक्त नूर मोहम्मद ने बताया कि अब किसी भी व्यक्ति को टैक्स जमा करवाने के लिए कार्यालय जाने या लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। क्यूआर कोड स्कैन करते ही मोबाइल पर टैक्स की पूरी जानकारी, बकाया राशि और भुगतान लिंक खुल जाएगा। इस व्यवस्था से न केवल नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि टैक्स चोरी पर भी अंकुश लगेगा। जिला कलक्टर प्रियंका गोस्वामी ने इस पहल को ई-गवर्नेंस (इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस) का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस का उद्देश्य सूचना व संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का उपयोग करके नागरिकों, व्यवसायों और सरकारी एजेंसियों के बीच सेवाओं को बेहतर, अधिक कुशल और पारदर्शी तरीके से प्रदान करना है। आयुक्त ने यह भी बताया कि नगर परिषद के 60 वार्डों में यूडी टैक्स साल में एक बार लिया जाता है। टैक्स की गणना डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) रेट के आधार पर होती है। इसका सूत्र है: कुल एरिया (वर्गगज) × डीएलसी रेट ÷ 2000 = वार्षिक यूडी टैक्स। उदाहरण के लिए, 300 से 325 वर्गगज के मकानों पर सालाना लगभग 600 से 800 रुपए टैक्स बनता है। नगर परिषद क्षेत्र में 300 वर्गगज से बड़े सभी आवासीय और 100 वर्गगज से बड़ी व्यवसायिक संपत्तियां टैक्स के दायरे में आती हैं। इस वित्तीय वर्ष में नगर परिषद ने यूडी टैक्स से 3.25 करोड़ रुपए वसूलने का लक्ष्य रखा है। पिछले वित्तीय वर्ष में 2.35 करोड़ रुपए की वसूली की गई थी, जबकि इस साल अब तक 1.81 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। शहर में कई बड़ी संपत्तियां हैं, जिनमें मैरिज होम, पेट्रोल पंप, होटल, रेस्टोरेंट, प्राइवेट स्कूल और व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स शामिल हैं, जिन पर लाखों रुपए का टैक्स बकाया है। नगर परिषद जल्द ही इन संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई करेगा।


