इंदौर एयरपोर्ट के रात में 10.30 बजे बंद होने से यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट के 10.30 बजे बंद होने से लेट आनी वाली उड़ाने निरस्त हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर जयपुर-इंदौर फ्लाइट में देखने को मिला है।
जयपुर से रात को इंदौर आकर सुबह वापस जाने वाली उड़ान यात्रियों से लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन तक के लिए सिरदर्द बन चुकी है। कल एक बार फिर रात को यह विमान नहीं आया, जिसके कारण सुबह जाने वाली फ्लाइट को भी निरस्त करना पड़ा। अकसर निरस्त हो रही इस उड़ान के कारण यात्रियों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इंदौर एयरपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट रात 10 बजे जयपुर से इंदौर आकर रात यहीं रुकती है और सुबह 6.35 बजे वापस जयपुर जाती है, लेकिन कल रात यह विमान जयपुर से इंदौर नहीं पहुंचा और कंपनी ने फ्लाइट को निरस्त कर दिया।
रात को विमान के न आने पर सुबह जाने वाली फ्लाइट भी निरस्त की गई। इसके कारण रात को इंदौर आने वाले यात्री जयपुर में ही अटके रह गए और सुबह जयपुर जा रहे यात्री भी इंदौर में फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि यह फ्लाइट इंदौर आने में ज्यादा लेट हो रही थी और इंदौर एयरपोर्ट रनवे रिपेयर के कारण रात 10.30 बजे बंद कर दिया जाता है। इसे देखते हुए कंपनी ने इस फ्लाइट को निरस्त कर दिया।
26 अक्टूबर से शुरू हुई यह फ्लाइट अपनी एक माह की अवधि में आधे से ज्यादा दिनों तक निरस्त रही है। इसका कारण इसका लेट होना और इंदौर एयरपोर्ट का बंद होना है। इसका खामियाजा इन उड़ानों में बुकिंग करने वाले यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। आज सुबह भी जयपुर जाने के लिए पहुंचे यात्रियों को जब फ्लाइट निरस्त होने की जानकारी दी गई तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इंदौर एयरपोर्ट पर चल रहा रनवे का काम
इंदौर एयरपोर्ट पर चल रहे रनवे रिपेयरिंग की स्पीड अब और बढ़ा दी है। बचा हुआ 30 फीसदी से ज्यादा काम तय मापदंडों के साथ और तेजी से हो, इसके लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने टाइमलाइन तय की है। हर दिन के काम की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। नई डेडलाइन के हिसाब से 31 दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि टारगेट 15 दिसंबर तक लिया गया है। इसी हिसाब से काम चल रहा है। 80 से ज्यादा लोगों की टीम रोजाना रात 10.30 से सुबह 6 बजे तक यानी रोजाना साढ़े 7 घंटे लगातार काम कर रही है। आठ से ज्यादा मशीनरी, रोलर रातभर काम कर रहे हैं। 68 फ्लाइट को 10.30 बजे बाद भी अनुमति, ताकि यात्री परेशान न हों रनवे रिपेयरिंग का काम नवंबर 2024 से चल रहा है। प्रबंधन ने कहा फ्लाइट रात 10.30 बजे बाद भी आई तो काम में देरी कर उसे उतरने की अनुमति दी गई ताकि यात्रियों को परेशानी नहीं हो। सितंबर में 12, अक्टूबर में 42 और नवंबर में अब तक 14 फ्लाइट को रात में देरी होने के बाद भी उतरने की अनुमति दी गई है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा कि यदि आधे घंटे या इससे ज्यादा देरी होती है तो फ्लाइट को उतरने की अनुमति दी जा रही है।


