इंदौर के सराफा बाजार में काम कर रहे संदिग्ध और अवैध विदेशी कारीगरों पर अब सख्ती की तैयारी है। ज्वेलरी उद्योग की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को सराफा व्यापारियों के एक प्रोग्राम में संबोधित करते हुए कहा कि बिना वैध दस्तावेज वाले बांग्लादेशी मजदूरों को न रखा जाए और न ही उनसे काम कराया जाए, यह सुनिश्चित करना आपका काम है। महापौर ने कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन) प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी कारीगर वोटर लिस्ट में दर्ज वैध भारतीय नागरिक हो और ऐसा नहीं है तो उनसे काम न करवाना और उसे डिपोर्ट करना हमारी जिम्मेदारी है। वे बोले कुछ लोग बांग्लादेश से इंदौर में आकर बिना किसी पहचान-पत्र के सोने-चांदी के आभूषण निर्माण में लगे हुए हैं। जो सराफा का कारीगर वैध नागरिक नहीं हैं, उनका डिटेक्शन, नाम डिलीट और आगे की प्रक्रिया में डिपोर्टेशन सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। इंदौर महापौर ने कहा कि बिना पहचान वाले ऐसे व्यक्तियों का इंदौर में रहना और काम करना सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह है। सराफा व्यापारिक संगठनों की जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कारीगरों की पूरी पहचान सत्यापन रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराएं। महापौर ने कहा कि जिन कारीगरों के पास कोई दस्तावेज नहीं है, उन्हें भी अब पता है कि इंदौर में गैरकानूनी रूप से काम नहीं चल पाएगा। व्यापारी उन्हें पहले ही स्पष्ट कर दें कि पहचान पत्र के बिना अब नौकरी नहीं मिलेगी।


