नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉईज यूनियन की जीएलओ शाखा (मुख्यालय) ने दो दिवसीय ट्रेड यूनियन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। शिविर में मुख्यालय के करीब 100 कर्मचारी शामिल हुए, जहां यूनियन से जुड़े मुद्दों, संगठन की भूमिका और कर्मचारियों की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा हुई। शिविर का उद्घाटन यूनियन के महामंत्री मुकेश माथुर और एआईआरएफ के जोनल सचिव अरुण गुप्ता ने दीप जलाकर किया। शिविर का उद्देश्य कर्मचारियों को यूनियन आंदोलन की समझ, संगठन के इतिहास और सेवा नियमों की जानकारी देना था। इसके साथ ही यह भी फोकस रहा कि आने वाले समय में यूनियन की कार्यशैली को कैसे और मजबूत बनाया जा सकता है, ताकि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को ज्यादा प्रभावी तरीके से उठाया जा सके। यूनियन के इतिहास, नियम और रणनीति पर ट्रेनिंग जीएलओ शाखा सचिव राजीव सारण ने बताया कि पहले दिन प्रतिभागियों को ट्रेड यूनियन आंदोलन का इतिहास, एआईआरएफ और एनडब्ल्यूआरईयू के संघर्ष, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी, अनुशासन प्रक्रिया और अपील संबंधी नियमों के बारे में बताया गया। प्रतिभागियों ने इस बात पर भी समूह में चर्चा की कि यूनियन रेल कर्मचारियों की सबसे विश्वसनीय और पसंदीदा यूनियन कैसे बन सकती है। इस दौरान सुझावों के साथ कार्ययोजना पर भी विचार हुआ। दूसरे दिन फेडरेशन और यूनियन की उपलब्धियों, पेंशन स्कीम और यूनियन के संकल्प से जुड़ी जानकारी दी गई। इसके बाद रखे गए प्रश्न-उत्तर सत्र में कर्मचारियों ने अपनी शंकाएं रखीं और महामंत्री मुकेश माथुर ने सभी सवालों के जवाब दिए। शिविर के दोनों दिनों में जोनल उपाध्यक्ष नरेंद्र चाहर, सहायक महामंत्री गोपाल मीणा, मंडल मंत्री राकेश यादव, जीएलओ शाखा अध्यक्ष प्रेम नारायण, पवन जुनेजा, नारायण सिंह, इंद्रपाल सिंह, धर्मेश बैरवा, आरती अग्रवाल, सोनल माथुर, अनुराग पारीक, पुष्पेंद्र जायसवाल, विशाल परवानी और अन्य सदस्य मौजूद रहे।


