रामेश्वरम तीर्थ यात्रा के लिए 1000 बुजुर्ग होंगे रवाना:चित्तौड़गढ़ से 320 वरिष्ठ नागरिक करेंगे यात्रा, स्टेशन पर हुई डॉक्यूमेंट्स जांच

राजस्थान सरकार की देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत आज रात रामेश्वरम के लिए विशेष ट्रेन रवाना होगी। इस ट्रेन से चित्तौड़गढ़ से 320 और उदयपुर व सलूंबर से 680 बुजुर्ग यात्री मदुरई और रामेश्वरम की यात्रा पर जाएंगे। डॉक्यूमेंट्स चेकिंग के लिए यात्रियों को दोपहर 1 बजे ही स्टेशन बुला लिया गया था, जबकि ट्रेन रात 10 बजे चित्तौड़गढ़ से रवाना होगी। यात्रा के दौरान देवस्थान विभाग के अधिकारी यात्रियों के साथ रहेंगे 29 नवंबर को रवाना होने वाली यह विशेष ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित है। ठंड को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में हीटर की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को यात्रा के दौरान दो बार चाय, तीन बार भोजन और पीने का पानी मुफ्त दिया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों की सेवा और देखरेख के लिए देवस्थान विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी पूरी यात्रा के दौरान साथ रहेंगे। उदयपुर से शुरू होकर चित्तौड़गढ़ होते हुए ट्रेन रामेश्वरम पहुंचेगी ट्रेन उदयपुर से शुरू होकर चित्तौड़गढ़ सहित विभिन्न स्टेशनों से होती हुई रामेश्वरम पहुंचेगी। पूरे उदयपुर संभाग से करीब 1000 बुजुर्ग यात्री इस योजना के तहत दक्षिण भारत के धार्मिक स्थलों मदुरई और रामेश्वरम की यात्रा करेंगे। रामेश्वरम और मदुरई के प्रमुख मंदिरों के दर्शन करवाए जाएंगे इस यात्रा में सभी बुजुर्गों को रामेश्वरम और मदुरई के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाए जाएंगे। रामेश्वरम हिन्दू धर्म के चार धामों में से एक है, जहां भगवान शिव का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग स्थित है। वहीं, मदुरई में देवी मीनाक्षी का विश्वप्रसिद्ध मंदिर है। यात्रा सात दिनों की है और वापसी में ट्रेन सभी यात्रियों को उनके-अपने स्टेशन पर उतारेगी। टिकट वितरण और पहचान पत्र सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर दोपहर 1 बजे सभी यात्रियों को टिकट और पहचान पत्र प्रदान किए गए। इसके बाद यात्रियों को ट्रेन में बैठाया गया। देवस्थान विभाग के निरीक्षक और यात्रा प्रभारी रमेश जैन ने बताया कि ट्रेन में सभी सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। विभाग के सहायक नोडल अधिकारी जगदीश चंद्र जीनगर भी यात्रियों की सहायता के लिए मौजूद रहे। विशेष ट्रेन में 13-14 कोच, एक पैंट्री और मेडिकल कोच रामेश्वरम तीर्थ यात्रा के लिए जाने वाली इस विशेष ट्रेन में लगभग 13 से 14 कोच लगाए गए हैं। प्रत्येक कोच में करीब 80 बुजुर्ग यात्री यात्रा कर रहे हैं। एक कोच पैंट्री के रूप में आरक्षित है, जहां भोजन, नाश्ता और चाय की व्यवस्था की जाती है। एक विशेष कोच आईआरसीटीसी और देवस्थान विभाग के अधिकारियों के लिए आरक्षित है, जहां से पूरी यात्रा संचालन की निगरानी की जाएगी। इसी कोच में छह डॉक्टरों की चिकित्सा टीम भी तैनात है, जिसमें तीन डॉक्टर आईआरसीटीसी और तीन देवस्थान विभाग की ओर से नियुक्त किए गए हैं। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुविधाओं की पूरी देखरेख की जा रही है। भास्कर डिजिटल ने यात्रियों से बातचीत की – जानिए उनके अनुभव इस यात्रा को लेकर बुजुर्गों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। भास्कर डिजिटल ने कुछ यात्रियों से बातचीत की, जिन्होंने अपनी खुशी साझा की: रमाकांत दायमा (चित्तौड़गढ़ निवासी, 64 साल) रमाकांत दायमा रिटायर्ड पोस्ट मास्टर हैं। वे अकेले पहली बार रामेश्वरम जा रहे हैं। उन्होंने बताया, “मैंने पहले भी दो बार आवेदन किया था, लेकिन नंबर नहीं आया। इस बार आखिरकार उनका नंबर आया है। शुरुआत में उन्हें थोड़ा डर लग रहा था, लेकिन जैसे ही वे यहां पहुंचे और अन्य सभी बुजुर्गों को देखा, उनका डर पूरी तरह निकल गया।” पुष्पा देवी (निंबाहेड़ा निवासी, 60 साल) पुष्पा देवी एक हाउस वाइफ है। वो भी पहली बार रामेश्वरम जा रही है। उन्होंने बताया कि, “मैं काफ़ी उत्सुक हूं और अच्छा लग रहा है। शुरू में अकेले जाने में थोड़ी झिझक महसूस हुई थी, लेकिन यहां आकर सभी को देखा तो अब बिल्कुल ठीक हूं। मैंने पहली बार आवेदन किया था और पहली बार में ही नंबर आ गया। रामेश्वरम भी पहली बार ही जा रही हूं।”

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