कांग्रेस में ‘संगठन मंत्री’ पर विवाद के बाद बदला पदनाम:आठ जिलों में महासचिवों की नियुक्ति; प्रदेश प्रभारी ने लगाई थी रोक

चार दिन पहले 25 नवंबर को एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की सहमति के बाद पांच जिला संगठन मंत्री नियुक्त किए गए थे। संगठन मंत्रियों की नियुक्ति पर कांग्रेस के ही प्रदेश प्रभारी ने रोक लगा दी थी। अब संगठन मंत्रियों का पदनाम बदलकर जिला महासचिव के नाम से नियुक्ति की गई है। आठ जिला महासचिव हुए नियुक्त प्रदेश प्रभारी ने जीतू को पत्र जारी कर लगा दी थी रोक एमपी कांग्रेस की ओर से 25 नवंबर को बनाए गए 5 जिला संगठन मंत्रियों की नियुक्ति के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने जीतू पटवारी को पत्र लिखा था। चौधरी ने लेटर में लिखा था, राज्य के कुछ जिलों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा पूर्व अनुमति के बिना किए गए जिला संगठन मंत्रियों के नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है। साथ ही यह भी निर्देशित किया जाता है कि भविष्य में ऐसी किसी भी नियुक्ति से पहले एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन के लिए भेजा जाए और अनुमोदन प्राप्त होने के बाद ही नियुक्ति की जाए। हरीश चौधरी का पत्र पढ़िए… चौधरी ने कहा था- ‘संगठन मंत्री’ बीजेपी, आरएसएस का पदनाम जिला संगठन मंत्री की नियुक्तियों पर रोक लगाने वाले पत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को हुई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की मीटिंग के बाद बताया था- इस पर बात हुई है। चूंकि, हरीश जी का ये कहना था कि संगठन महासचिव होना चाहिए। जो कांग्रेस में हमेशा से परंपरा रही है। तो किसी विवाद और आपत्ति नहीं है। उनका कहना था कि संगठन मंत्री ये आरएसएस का शब्द है, ये कांग्रेस का नहीं है। उनकी नियुक्ति कांग्रेस महासचिव के रूप में रहेगी बस इतनी सी बात है।

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