फर्जी मुख्तार नामे से बेच दी राम मंदिर की जमीन:उज्जैन का रहने वाला है आरोपी शास्त्री, करोड़ों रुपए की है मंदिर की जमीन

शाजापुर में मंदिर की जमीन को बेचने का मामला सामने आया है। जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने मंदिर के शास्त्री (पुजारी) के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मंदिर की 11 बीघा जमीन शहर के बीच में है। इसकी कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार उज्जैन निवासी रामनिवास शास्त्री ने शाजापुर शहर के वार्ड नंबर 12 में स्थित श्रीराम मंदिर की शासकीय भूमि (माफी औकाफ) सर्वे क्रमांक 321 का एक हिस्सा 0.84 हेक्टेयर को अजीजन बी पति शेख मुनीर को बेच दिया। ये सरकारी जमीन 11 हेक्टयर है और इसका सर्वे नंबर 321 है। रामनिवास ने इस पूरी जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया। प्रशासन ने अभी केवल 0.84 हेक्टेयर भूमि के मामले में कार्रवाई की है। कैसे हुई हेराफेरी सर्वे नंबर 321 में 11 बीघा से ज्यादा जमीन है। तत्कालीन जमींदार हिम्मतमल ने सर्वे नंबर 321 में से 0.84 हेक्टेयर भूमि साधु संतराम को लिखित अनुबंध करके दी थी। जिसके अनुसार इस भूमि का विक्रय नहीं होगा और यह माफी औकाफ की रहेगी। इसके बाद इस भूमि पर बना श्रीराम मंदिर माफी औकाफ भी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। रामनिवास ने माफी औकाफ और राजस्व विभाग के कागजों में हेराफेरी करके मंदिर की जमीन को खुद के नाम से दर्ज कराने के बाद फर्जी मुख्तार नामे से बेच दिया। शासकीय सर्वे नंबर 321 में 11 बीघा से ज्यादा जमीन शासकीय सर्वे नंबर 321 को राजस्व विभाग में हेराफेरी करके निजी नाम पर दर्ज करके पूरा विक्रय कर दिया गया। तहसीलदार ने केवल इस मामले में 0.84 हेक्टेयर भूमि जो कि श्रीराम मंदिर माफी औकाफ के नाम दर्ज है,उस पर कार्रवाई की है।

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