पुलिस को खदेड़ा, आरोप-मुंशी ने केस मैनेज करने के नाम पर 10 लाख लिए

मधुकम के रोड नंबर-5 में शनिवार शाम एक युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक नितेश पांडे रेलवे में ग्रुप सी के पद पर तैनात था। खुदकुशी की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने पुलिस टीम को खदेड़ दिया। पुलिस हाथ जोड़ती रही, लेकिन लोग कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। काफी समझाने-बुझाने के बाद देर रात लोग शांत हुए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया। परिजनों के मुताबिक नितेश का 26 नवंबर को तिलक चढ़ने वाला था। उससे ठीक पहले प्रेमिका ने शोषण करने का आरोप लगाते हुए सुखदेव नगर थाने में शिकायत कर दी। पुलिस ने बिना कोई जांच किए नितेश को तत्काल थाने में बुलाया और हिरासत में ले लिया। परिजनों का आरोप है कि केस मैनेज करने के नाम पर थाने के मुंशी पशुराम ने 10 लाख रुपए की मांग की। पैसे देने के लिए 10 दिन का समय देते हुए देर शाम पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया। फिर उससे 10 लाख रुपए वसूले गए। इसके बावजूद मुंशी और थाने की पुलिस उसे लगातार परेशान करती रही। उधर, आरोप लगाने वाली लड़की भी फोन पर उसे बर्बाद करने की धमकी देती रही। इसी प्रताड़ना से तंग आकर नितेश ने शनिवार शाम अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। इस मामले में पक्ष जानने के लिए मुंशी पशुराम को कई बार फोन किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। बड़ा सवाल… आरोपी को थाने से कैसे छोड़ा महिला का यौन उत्पीड़न गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस अपराध की गंभीरता को देखते हुए ही इसे गैर जमानती की श्रेणी में रखा गया है। बड़ा सवाल यह है कि अगर युवती ने नितेश के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था तो थाना बुलाने के बावजूद उसे उसी दिन ​पीआर बॉन्ड पर कैसे छोड़ दिया गया। मृतक के भाई ने कहा… सिटी एसपी-डीएसपी के नाम पर पैसे मांगे, थाने के बाहर गुमटी के पास लिए मृतक नितेश के भाई नीरज पांडे ने कहा कि मंुशी पशुराम कभी एक लाख तो कभी दो लाख रुपए की मांग करता था। सिटी एसपी और कोतवाली डीएसपी के नाम पर पैसे मांगे गए। थाने में जाने से यह कहते हुए रोका गया कि बड़े साहब देखेंगे तो केस खराब हो जाएगा। उन्हें एफआईआर करनी पड़ेगी। इस तरह मुंशी ने नितेश को काफी परेशान किया। फिर थाने के बाहर एक गुमटी के पास 10 लाख रुपए कैश लिया। थाने से छोड़ने के बाद भी पुलिस और आरोप लगाने वाली लड़की लगातार उसे परेशान कर रही थी। जिससे वह तनाव में था। थानेदार ने कहा… पैसे लेने की जानकारी नहीं सुखदेवनगर थानेदार अशोक कुमार ने कहा कि मुंशी या किसी अन्य पुलिसकर्मी द्वारा पैसा लिए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। 27 नवंबर को यौन शोषण का आरोप लगाते हुए एक युवती ने नितेश के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। अगर किसी ने पैसा लिया है तो पूरे मामले की जांच कर वरीय अधिकारी जरूरी कार्रवाई करेंगे। पुलिस पहुंची तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने उन्हें खदेड़ दिया। यौन उत्पीड़न का आरोप लगने पर युवक ने की खुदकुशी

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *