पूर्व कोयला मंत्री और कांग्रेस से कानपुर के सांसद रहे श्रीप्रकाश जायसवाल का आज यानी रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। पार्थिव शरीर सुबह 11.30 बजे कानपुर में लालबंगला स्थित आवास से अंतिम यात्रा के लिए निकलेगा। बेटा सिद्धार्थ जायसवाल कनाडा से सुबह कानपुर पहुंच गए हैं। अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए सुबह से ही कांग्रेसियों के साथ अन्य दलों के नेता और कार्यकर्ता भी उनके आवास पर पहुंच गए हैं। शुक्रवार शाम कार्डिक अरेस्ट से निधन हो गया था। वे 81 साल के थे। जायसवाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे। इस रूट से गुजरेगी अंतिम यात्रा
अंतिम यात्रा सबसे पहले कैनाल रोड स्थित पैतृक निवास पर जाएगी। उसके बाद यात्रा मेस्टन रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक हाल में कुछ देर रुकेगी। यहां देशभर से आए लोग पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद यात्रा भैरव घाट (श्मशान घाट) के लिए प्रस्थान करेगी। यहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। फूलों से सजाया गया ट्रक
श्रीप्रकाश जायसवाल के पार्थिव शरीर को एक ट्रक में रखा जाएगा, जिसको फूलों से सजाया गया। इस पर श्री प्रकाश जायसवाल की एक बड़ी फोटो लगी हुई है। अंतिम यात्रा के लिए सजकर जा रहे ट्रक में उनके परिवारीजन सवार रहेंगे। श्रीप्रकाश जायसवाल को अंतिम नमन करने के लिए सुबह से ही घर में लोगों का आने का सिलसिला शुरू हो गया है। शनिवार को फिल्म अभिनेता रजा मुराद, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मेयर प्रमिला पांडेय समेत कई दलों के नेता और सांसद-विधायक पहुंचे थे। फ्लाईओवर देकर कानपुर शहर को दी रफ्तार
श्रीप्रकाश जायसवाल ने अपने कार्यकाल में कानपुर को कई पुलों और फ्लाईओवर की सौगात दी। उनके समय में शहर को बेहतर कनेक्टिविटी मिली। उनके सांसद और केंद्रीय मंत्री रहते हुए सरकारों से समन्वय करते हुए योजनाएं स्वीकृत कराईं। श्रमशक्ति समेत 14 से ज्यादा ट्रेनें चलवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने सांसद काल में विपक्ष में रहकर कानपुर के लिए एक-दो नहीं करीब 14 से ज्यादा ट्रेनों को चलवाया था। इससे शहर के लोगों ने राहत की सांस ली थी। दिल्ली की तीन बार तो कोलकाता की डेली शुरू कराई थी फ्लाइट श्रीप्रकाश जायसवाल का शहर से हवाई सेवा शुरू कराने मे काफी योगदान रहा। लंबे समय बाद कानपुर से बंद चल रही दिल्ली फ्लाइट निजी विमान कंपनी से शुरू कराई थी। इसके बाद दो बार एयर इंडिया की फ्लाइटें शुरू कराईं। लाल इमली को संजीवनी दी और पावर प्लांट समेत कई उपलब्धियां
श्रीप्रकाश जायसवाल ने अपने कार्यकाल में शहर के विकास के लिए कई बड़ी परियोजनाओं को लेकर आए थे। श्रीप्रकाश जायसवाल के कार्यकाल में ही कानपुर का पावर प्लांट आया। इसके साथ ही आईटीबीपी महाराजपुर केंद्र भी उन्हीं के कार्यकाल में आया। लाल इमली को दोबारा चालू कराने और श्रमिकों का बकाया भुगतान कराने के लिए उन्होंने 2014 में 67 करोड़ रुपए दिलवाया था। कानपुर के सैकड़ों पार्क कोयला मंत्रालय के सीसीआर फंड से डेवलप कराया था। कानपुर में एटूजेड प्लांट वर्ष 2007 में आया था, जब कंपनी को जैविक खाद बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। श्री प्रकाश जायसवाल के कार्यकाल में ही गंगा बैराज प्रोजेक्ट तैयार हुआ था। श्रीप्रकाश के मेयर पद से इस्तीफे की कहानी कानपुर नगर निगम के इतिहास में पहला चुनाव हुए कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन उस दौर की राजनीति और प्रशासनिक शैली आज भी शहर के विकास में मिसाल मानी जाती है। पूर्व पार्षद मदनलाल भाटिया उर्फ मद्दी भइया बताते हैं कि जब नगर निगम का चुनाव हुआ था, तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री प्रकाश जायसवाल शहर के पहले मेयर बने थे। पढ़िए पूरी खबर श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…


