राजस्थान में एसआईआर का काम तेजी से चल रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रोग्राम के तहत बाड़मेर जिला शत-प्रतिशत डिजिटाईजेशन में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं 97 प्रतिशत मैपिंग काम पूरा हो गया है। निर्वाचन आयोग के सीईओ नवीन महाजन ने जिला कलेक्टर टीना डाबी, अधिकारियों ओर मतदाताओं को बधाई दी। कलेक्टर ने कहा- वोटर लिस्ट को शुद्ध और त्रूटिरहित बनाना है, इससे प्रत्येक योग्य नागरिक वोटिंग से वंचित नहीं रहे। दरअसल, बाड़मेर समेत पूरे राजस्थान में 4 नंवबर से एसआईआर का काम शुरू हुआ है। जिससे 4 दिसंबर तक कंम्पलीट करना था। लेकिन बाड़मेर जिले के डीईओ, एआरओ, बीएलओ समेत अधिकारियों ने समय सीमा से पांच दिन पहले 29 नवंबर तक 100 फीसदी डिजिटाईजेशन कर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं 97 प्रतिशत मैपिंग का काम भी पूरा हो गया। बाड़मेर और संलूम्बर जिले डिजिटाईजेशन को प्रथम स्थान मिलने पर निर्वाचन आयोग के सीईओ नवीन महाजन ने बाड़मेर डीईओ टीना डाबी और संलूम्बर डीईओ अवधेश मीना को बधाई दी। उनके नेतृत्व में यह उपलब्धि हासिल की। महाजन ने सभी मतदाताओं एवं पूरी टीम को दी बधाई दी। दोनों जिला निर्वाचन अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर गौरांवित महसूस करते हुए कहा कि मतदाताओं के सहयोग से यह मुकाम हासिल हो पाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने बताया- इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की मतदाता सूची को शुद्ध तथा त्रुटिरहित बनाना है। ताकि प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्तमान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम—2026 के तहत एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बाड़मेर जिले ने मतदाताओं के सौ फीसदी डिजिटाईजेशन का कार्य सबसे पहले पूरा कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। टीना डाबी अधिकारियों और कार्मिकों की सराहना जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी ने बाड़मेर जिले की आम जनता एवं पूरी विशेष गहन पुनरीक्षण टीम को बधाई देते हुए इस राष्ट्रीय महत्व के निर्वाचन कार्य को सम्पन्न करने में लगे समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों की सराहना की। जिला निर्वाचन अधिकारी डाबी ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण राज्य और केंद्र निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। ऐसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में इन बीएलओ ने जिस सत्यनिष्ठा और तत्परता का परिचय दिया है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। इन कार्मिकों की ओर से स्थापित कार्य-संस्कृति अन्य समस्त कार्मिकों के लिए एक आदर्श उदाहरण है।


