खुद को CBI अधिकारी-जज बताकर 2 करोड़ ठगे:बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 80 लाख लिए; युवक से 1 करोड़ 20 लाख का फ्रॉड

राजनांदगांव जिले में 2 अलग-अलग ठगी के मामले सामने आए है। जिसमें कुल 2 करोड़ की ठगी हुई है। पहले मामले में CBI अधिकारी और जज बताकर बुजुर्ग महिला से ठगी हुई है। आरोपियों ने महिला को वीडियो कॉल कर डिजिटल अरेस्ट किया फिर डराकर खाते में 80 लाख ट्रांसफर करवा लिए। दूसरे मामले में खुद को ऑनलाइन ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर युवक को पैसा दोगुना करने का झांसा दिया और खाते में 1 करोड़ 20 लाख रुपए ले लिए। राजनांदगांव पुलिस ने दोनों ही मामले के कुल 4 आरोपियों को हरियाणा और एमपी से पकड़ा है। पहला मामला, बुजुर्ग महिला बनी शिकार अज्ञात साइबर ठगों ने खुद को एयरटेल कर्मचारी, फिर सीबीआई अधिकारी और बाद में जज बताकर 79 साल की एक बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया। उन्होंने वीडियो कॉल पर महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसा होने का डर दिखाया और व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट का झांसा दिया। फर्जी जज बनकर सुनवाई के दौरान, ठगों ने महिला से कहा कि उनकी निर्दोषता साबित करने के लिए खाते की रकम को जज के खाते में आरटीजीएस करें। डर के कारण पीड़िता ने ठगों के बताए गए बैंक खातों में 79,69,047 रुपए ट्रांसफर कर दिए। पीड़िता की सूचना पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 700/2025 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। साइबर सेल और थाना कोतवाली की संयुक्त टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर छानबीन की। ठगी की रकम में से 20 लाख रुपए राजस्थान के रहने वाले आरोपी राधे श्याम (20 साल) के यश बैंक खाते में मिले थे। टीम ने गुरुग्राम, हरियाणा में दबिश देकर राधे श्याम को हिरासत में लिया। आरोपी राधे श्याम ठगी से प्राप्त रकम को गुरुग्राम, हरियाणा के विभिन्न बैंकों से चेक और एटीएम के माध्यम से नकद निकालता था। वह 2 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखकर बाकी ठगी की रकम गिरोह को भेजता था। इस प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1 करोड़ 20 लाख की ठगी राजनांदगांव के रहने वाले आयुष अग्रवाल बिजनेसमेन है। साइबर ठगो ने खुद को फारेक्स ऑनलाइन ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताया और पैसे दोगुना करने का उन्हें लालच दिया। इनवेस्टमेंट के लिए व्हाटसअप के जरिए से फर्जी वेबसाइट लिंक भेजकर उसे शुरूवात में छोटा मुनाफा 15 हजार रुपए आयुष के अकाउंट में ट्रांसफर किये। इससे आयुष उनके भरोसे में आ गया और बड़े निवेश में ज्यादा फायदा देने की बात कहकर कुल मिलाकर 1,21,53,590 रुपए अलग-अलग खातों में जमा कराए। ठगों ने कमीशन और निवेश के नाम पर लगातार पैसे मांगे। बढे़ हुये रकम को विथड्रॉ की बात करने पर ठगों ने बाहना किया तब जाकर युवक को ठगी का एहसास हुआ। फिर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 656/2025 रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर साइबर सेल व थाना कोतवाली की टीम ने मनी ट्रेल व तकनीकी जांच कर मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर में दबिश दी। बंधन बैंक के खाता जिसमें ठगी की रकम 9 लाख रूपए ट्रांसफर की गई थी। उसके खाता धारक धीरज सिंह (34 वर्ष) ने अपनी कंपनी किसान बाजार के नाम पर करंट बैंक खाता खुलवाकर उसे ठगी के लिए 1,30,000 रुपए कमीशन लेकर ठगों को बेचा गया था। वहीं, बैंक खाता को ठगो तक पहुंचाने वाले गिरोह के अरविंद ठाकुर (30 साल) जो कि खाता देने के लिए 2 प्रतिशत लेता था और डिम्पल यादव (22 साल) ठगों को खाता उपलब्ध कराने के एवज में व 2.8 प्रतिशत कमीशन लेने का काम करते थे। खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी कमीशन के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी-यूएसडीटी के रूप में वॉलेट एड्रेस में प्राप्त करते थे। शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन अन्य आरोपियों के बारे में ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन उन्हें मध्य प्रदेश के सीहोर और इंदौर से पकड़ा गया है। पूरी जांच के बाद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने निकली SP अंकिता शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा ने कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया था। इस टीम को आरोपियों का जल्द से जल्द पता लगाने के निर्देश दिए गए थे। साइबर सेल ने प्रार्थियों के बैंक मनी ट्रेल और आरोपियों के बैंक विवरण के साथ-साथ अन्य तकनीकी माध्यमों से जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम गुरुग्राम (हरियाणा) और मध्य प्रदेश के सीहोर व इंदौर रवाना हुई। टीम ने डिजिटल अरेस्ट मामले में एक आरोपी और शेयर ट्रेडिंग मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाया। दोनों प्रकरणों में आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… ऑनलाइन बेटिंग-ऐप से 50 करोड़ की ठगी: शॉपिंग-वेबसाइट से छत्तीसगढ़ की छात्रा से भी फ्रॉड, मुंबई से कर रहे थे ऑपरेट, बिहार-महाराष्ट्र के हैं आरोपी छत्तीसगढ़ की खैरागढ़ पुलिस ने मुंबई में ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के ठिकाने पर छापेमारी की। खैरागढ़ पुलिस 64 हजार की ठगी के आरोपियों को पकड़ने गई थी, लेकिन 50 करोड़ की ठगी के शातिरों को धर दबोचा। आरोपी बिहार और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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