कोंडागांव | स्कूल के नाबालिग बच्चों के अचानक सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की घटना को जिला न्यायालय ने बेहद गंभीरता से लिया है। दैनिक भास्कर में 27 नवंबर को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया था कि वर्ष 2014 में मैदान की भूमि कोर्ट भवन के लिए अलॉट किए जाने के बाद भी 11 वर्षों तक शिक्षा विभाग व प्रशासन कोई वैकल्पिक मैदान उपलब्ध नहीं करा सका । इसपर अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष किरण चतुर्वेदी ने इस मामले पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया है कि वह जिला प्रशासन से तत्काल विस्तृत जानकारी मांगे। पत्र में कलेक्टर, एसडीएम और संबंधित शैक्षणिक संस्थानों से पूछा गया है कि नाबालिग बच्चों को पढ़ाई छोड़कर स्कूली समय में सड़क पर उतरने की स्थिति अचानक क्यों निर्मित हुई।


