इंदौर के कालानी नगर जैन मंदिर में प्रवचन:जितनी सहजता से जिओगे अपने आपको उतना सुखी महसूस करोगे- मुनि प्रमाण सागर जी महाराज

दीर्घकालिक सुख के लिए अल्पकालिक सुख को त्यागना पड़ता है, जिन बातों से आपका मन खौलता है और अप्रसन्नता होती है उन बातों को नजरअंदाज कर दो। थोड़ा-सा सहन कर लोगे तो आप सुखी और प्रसन्न रह सकते हो, सुखी और संपन्न होने के लिए उन बातों को इग्नोर करो जो आपको असहज करती है, जितनी सहजता से जिओगे अपने आपको उतना सुखी महसूस करोगे। मुनि प्रमाणसागरजी महाराज ने कालानी नगर स्थित त्रिमूर्ति दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण इंदौर में शनिवार को धर्मसभा में यह बात कही। चवन्नी खोजने में अठन्नी का तेल मत जलाओ मुनिश्री ने कहा कि “धैर्य रखो और त्वरित प्रक्रिया से बचो” चवन्नी खोजने में अठन्नी का तेल मत जलाओ। छोटी मोटी बातों को नजरअंदाज करोगे तो आपके संबंध कभी खराब नहीं होंगे। उन्होंने प्रसिद्ध उद्धोगपति घनश्याम दास बिड़ला का उदाहरण देते हुए कहा कि एक दिन वह अपनी ओरियंटल पेपर मिल में पहुंचे तो लोगों ने कहा कि आपकी इस फैक्ट्री में बहुत अनिमियताएं हैं, तो उन्होंने सबकी बात को सुना और कहा कि मेरी 200 फैक्ट्री है, मैं कहां कहां देखूंगा? मैं तो फाइनल बैलेंस शीट को देखता हूं। यदि कंपनी ग्रोथ कर रही है तो मैं छोटी-मोटी बातों को नजरअंदाज कर देता हूं। मुनिश्री ने कहा कि घर हो या दुकान अथवा ऑफिस यदि आप घर से ही मूड खराब करके जाओगे तो क्या आपका दिन अच्छा निकल सकता है? जीवन को यदि आनंद से भरना चाहते हो, उन बातों को इग्नोर करोगे तो आपके सभी काम हो जाएंगे। मुनिश्री ने कहा कि जो व्यक्ति आपके व्यापार में घाटा देता है उसे तो आप इग्नोर कर लेते हो, कभी घर परिवार में कोई बात हो उन बातों को भी इग्नोर करो। जिसकी सोच पाजेटिव होती है वह हर क्षेत्र में सफल होता है। सुखी होने के लिए अपना व्यवहार ठीक करो और समृद्ध होंने के लिए व्यापार ठीक से करोगे तो कभी असफल नहीं होगे। किसी भी कार्य में अड़ो मत। सभी से तालमेल बनाकर चलोगे तो जीवन में कभी उलझोगे नहीं। यदि एडजस्टमेंट की कला सीख लोगे तो कभी किसी से कोई विवाद नहीं होगा। व्यापार व्यवसाय हो या जीवन व्यवहार में धैर्य रखना चाहिए। जो धैर्यवान होते हैं वे हर मुश्किल की घड़ी में अपनी समस्याओं को हल कर लेते हैं। सुसंस्कारित पाठशालाओं से है समाज की सुरक्षा इस अवसर पर मुनि निर्वेग सागरजी महाराज ने कहा कि यदि आपने आने वाली पीढ़ी को संस्कार दे दिए तो आपका छोटे नगर से महानगर में आना सार्थक हो जाएगा। उन्होंने पाठशालाओं को व्यवस्थित रखने की बात करते हुए कहा कि समाज की सुरक्षा सुसंस्कारित पाठशालाओं से है। इस अवसर पर मुनि संधान सागर महाराज सहित समस्त छुल्लक महाराज मंचासीन थे। इस अवसर पर धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष अशोक डोसी, अविनाश जैन, प्रदीप बल्ला, राकेश चेतक, दिनेश जैन, अखिलेश जैन, मनीष फंटुस, नवीन केवलारी एवं उषा पाटनी, मुक्ता जैन आदि समाज जन उपस्थित थे। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि दोपहर में मुनिसंघ का विहार आदिनाथ बाग रामचन्द्र नगर की ओर हुआ। रविवार को प्रातः प्रवचन एवं आहारचर्या यहीं होगी। धर्मसभा का संचालन बाल ब्रह्मचारी अभय भैया ने किया।

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